
नागौर में अजमीढ़जी जयंती महोत्सव की धूम, आज निकलेगी भव्य शोभायात्रा
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नागौर। मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित अजमीढ़जी महाराज की जयंती एवं शरद पूर्णिमा महोत्सव नागौर में आज भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न होगा। शनिवार को महिलाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समाज की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आज सुबह शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद समाज भवन में भोजन प्रसादी और सम्मान समारोह का आयोजन होगा।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, समाज अध्यक्ष ओमप्रकाश मांडण ने बताया कि अजमीढ़जी महाराज की जयंती के अवसर पर रविवार, 25 अक्टूबर को सुबह 8:15 बजे माताजी के मंदिर से एक विशाल शोभायात्रा रवाना होगी। यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कायस्थ मोहल्ला स्थित समाज भवन पहुंचेगी। मनीष डांवर ने बताया कि इस शोभायात्रा में अजमीढ़ महाराज, नौ देवियों, माताजी और अन्य देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। इस भव्य आयोजन में 500 से अधिक महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण कर शामिल होंगी, जो धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक होगा।
महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्साह
महोत्सव के पहले दिन, शनिवार को समाज भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज की महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इन कार्यक्रमों में:
- प्रिया मौसूण, दीक्षा मौसूण, हर्षा मांडण और कोमल मायछ ने अजमीढ़जी महाराज की जीवनी पर आधारित एक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया।
- कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में श्री मौसूण और निर्मला मांडण ने जीत हासिल की।
- वन मिनट गेम में दर्शिका रोड़ा ने अपनी चपलता का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
- नृत्य प्रतियोगिता में ऋषिका, करिश्मा, नीलम और मोनिका विजेता रहीं।
- करवा चौथ की थाली सजाओ प्रतियोगिता में आरती सहदेव ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इन कार्यक्रमों में महिला मंडल अध्यक्ष इंदुबाला सोनी, उपाध्यक्ष संतोष मांडण, कोषाध्यक्ष संगीता रोड़ा, सचिव वंदना अग्रोया सहित इमरती देवी, सुमित्रा देवी डांवर, मंजू कुकरा, सविता, वंदना डांवर, निर्मला मांडण, विनीता मांडण, राधा रोड़ा, बिंदु डांवर और गुड्डी अग्रोया सहित समाज की कई महिलाएं उपस्थित रहीं। मंच संचालन संगीता रोड़ा और प्रेरणा मांडण ने बखूबी संभाला।
शैक्षणिक व सरकारी सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों का सम्मान
शोभायात्रा के समापन पर समाज भवन में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में उन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 10वीं, 12वीं या इससे उच्च परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। साथ ही, वर्ष 2026 में सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले समाज के युवाओं को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह पहल समाज में शिक्षा और सेवा के प्रति युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है।
महाराजा अजमीढ़ जी: धर्म, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक
मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाराजा अजमीढ़ जी चंद्रवंश की 28वीं पीढ़ी के राजा थे। समाज में उन्हें आदिपुरुष और आराध्य देव के रूप में पूजा जाता है। उन्हें सामाजिक परंपराओं में भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले राजा के रूप में स्मरण किया जाता है। समाज की मान्यताओं में उनका जीवन धर्म, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। स्वर्णकार समाज अपनी शिल्पकला, सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं को महाराजा अजमीढ़ जी की विरासत से जोड़कर देखता है। यह महोत्सव उनकी स्मृतियों और आदर्शों को जीवंत रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।