
नागौर: रामनगर कॉलोनी में सीवरेज का आतंक, 20 घरों में घुसा गंदा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शहर के बीकानेर रोड स्थित रामनगर कॉलोनी में बीते छह माह से सीवरेज के ओवरफ्लो की गंभीर समस्या बनी हुई है। आलम यह है कि कॉलोनी का करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र गंदे पानी की चपेट में है, जिससे लगभग 20 घरों में सीवरेज का दूषित पानी घुस चुका है। सड़कों और खाली भूखंडों पर जमा इस गंदे पानी से न केवल असहनीय दुर्गंध फैल रही है, बल्कि लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। रहवासियों के लिए यह स्थिति किसी नारकीय जीवन से कम नहीं है, जबकि संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
समस्या की गंभीरता रविवार को तब और बढ़ गई जब हमारी टीम ने मौके का जायजा लिया। पूरे कॉलोनी क्षेत्र में दूर-दूर तक सीवरेज का गंदा पानी फैला हुआ था, जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या पिछले छह महीने से विकराल रूप ले चुकी है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से आने वाली सीवरेज लाइन में निकासी बाधित होने और पंपिंग व्यवस्था के ठप पड़ने से चैंबर लगातार ओवरफ्लो हो रहे हैं। यह गंदा पानी वापस कॉलोनी की गलियों और घरों में घुस रहा है, जिससे लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
समस्या का मूल कारण: बंद पड़ी मोटरें और ठप निकासी व्यवस्था
पड़ताल के दौरान, हाउसिंग बोर्ड स्थित सीवरेज प्लांट पर पंपिंग के लिए लगीं छह की छह मोटरें बंद पाई गईं। ये मोटरें 24 घंटे चालू रहकर सीवरेज के पानी को आगे भेजती हैं, लेकिन इनके बंद रहने के कारण पानी बैक मारकर रामनगर कॉलोनी में जमा हो रहा है। यह लापरवाही ही इस भीषण समस्या की जड़ है।
- छह महीने से समस्या: रामनगर कॉलोनी में पिछले करीब छह माह से सीवरेज का गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
- पंपिंग सिस्टम ठप: हाउसिंग बोर्ड स्थित सीवरेज प्लांट पर लगीं सभी छह मोटरें बंद पड़ी हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
- आधा किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित: कॉलोनी का लगभग आधा किलोमीटर का क्षेत्र गंदे पानी की चपेट में है।
- 20 घरों में पानी: कई घरों में सीवरेज का गंदा पानी घुस चुका है, जिससे घरेलू जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
- कई बार शिकायत: नगर परिषद को इस संबंध में 10 से अधिक बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ है।
रहवासियों का आक्रोश और स्वास्थ्य का खतरा
कॉलोनी के बाशिंदों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि जमा हुए गंदे पानी से उठ रही तेज बदबू के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। घरों के आसपास और खाली भूखंडों में जमा इस पानी में मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बच्चों के बीमार पड़ने का डर उन्हें सता रहा है।
वार्ड 60 के पार्षद गोविंद कड़वा ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “रामनगर कॉलोनी में सीवरेज का पानी आधा किलोमीटर तक फैला हुआ है। सुमित्रा जी जैसे कई निवासियों के घरों सहित करीब 20 घरों में पानी भर गया है। हाउसिंग बोर्ड का पूरा पानी इसी लाइन से आता है। हमने नगर परिषद को कम से कम 10 बार पत्र देकर इस समस्या से अवगत कराया है। मोटरें 24 घंटे चालू रहनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से सभी छह की छह मोटरें बंद पड़ी हैं।”
एक पीड़ित गृहणी सुमित्रा ने बताया, “कॉलोनी के चैंबर पूरी तरह भर चुके हैं और पाइप जाम हैं। सुबह से हमारे घरों में पानी घुस रहा है। बच्चों के बीमार होने का डर बना हुआ है, लेकिन कोई हमारी सुनने वाला नहीं है। बीकानेर रोड पर अस्पताल की तरफ के सारे चैंबर खुले हैं और ओवरफ्लो हो रहे हैं।”
इस विकट समस्या के तत्काल समाधान के लिए नगर परिषद और हाउसिंग बोर्ड को प्राथमिकता के आधार पर बंद पड़ी मोटरों को चालू करने और सीवरेज लाइन की समुचित सफाई करवाने की आवश्यकता है। हमारी टीम इस मुद्दे पर लगातार नज़र बनाए रखेगी और अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी, ताकि रामनगर कॉलोनी के निवासियों को इस गंभीर संकट से जल्द राहत मिल सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।