
नागौर में 4 शुभ योगों संग दीपावली: 8 नवंबर को दीपोत्सव, 5 महापर्वों की धूम
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रोशनी, उल्लास और सुख-समृद्धि का महापर्व दीपावली इस बार चार शुभ योगों के महासंयोग में मनाया जाएगा। 8 नवंबर, रविवार को कार्तिक अमावस्या और स्वाति नक्षत्र के दुर्लभ संगम पर दीपोत्सव का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष दीपावली पर बुधादित्य राजयोग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और लक्ष्मी नारायण योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-अर्चना को अत्यंत फलदायी बनाएगा। हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच प्रमुख पर्वों की श्रृंखला के साथ दीपोत्सव की रौनक बाजारों में देखी जा रही है।
शुभ योगों का विशेष संगम
ज्योतिषियों के अनुसार, इस दीपावली पर बनने वाले चार प्रमुख शुभ योगों में लक्ष्मी-गणेश पूजन का विशेष महत्व है। सूर्य और बुध की तुला राशि में युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो बुद्धि, करियर, व्यापार और आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान योग 8 नवंबर की सुबह 3.28 बजे से प्रारंभ होकर 9 नवंबर की सुबह 3.03 बजे तक रहेगा, जिसके उपरांत सौभाग्य योग का संयोग प्राप्त होगा। शुक्र और बुध की युति से बनने वाला लक्ष्मी नारायण योग, जो धन, वैभव और समृद्धि का प्रतीक है, पूरे नवंबर माह तक प्रभावी रहेगा।
दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त
8 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11.28 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन स्वाति नक्षत्र का विशेष संयोग रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11.57 बजे से दोपहर 12.40 बजे तक रहेगा। मुख्य लक्ष्मी पूजन के लिए वृषभ लग्न का शुभ समय शाम 6.10 बजे से रात 8.07 बजे तक, लगभग 1 घंटा 57 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5.46 बजे से रात 8.22 बजे तक रहेगा। निशिता काल में मध्यरात्रि 11.53 बजे से 9 नवंबर की सुबह 12.45 बजे तक भी पूजन किया जा सकेगा। दीपमाला सजाने का उत्तम समय शाम 6.15 बजे से 7.15 बजे तक बताया गया है।
पांच महापर्वों की तिथियां और महत्व
- धनतेरस: 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन धन के देवता कुबेर, आरोग्य के देवता धन्वंतरि और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है।
- रूप चौदस (नरक चतुर्दशी): 7 नवंबर, शनिवार को। इस दिन अभ्यंग स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है।
- दीपावली: 8 नवंबर, रविवार को मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश पूजन, दीपदान और दीपमाला से घर-आंगन रोशन किए जाएंगे।
- गोवर्धन पूजा: 9 नवंबर, सोमवार को। इस दिन अन्नकूट का प्रसाद वितरण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है।
- भाई दूज: 11 नवंबर, बुधवार को। यह पर्व भाई-बहन के अटूट स्नेह का प्रतीक है।
चार शुभ योगों के साथ मनाए जाने वाली इस दीपावली पर पूजन-अर्चन से सुख-समृद्धि में वृद्धि की कामना की जाएगी।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।