
मेड़ता में आरएसएस का भव्य द्विधारा पथ संचलन, शताब्दी वर्ष समापन का हिस्सा
Listen News
Audio Summary
हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रमों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण आयोजन किया। विजयादशमी उत्सव के अवसर पर, मेड़ता शहर में एक भव्य द्विधारा पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत और मुख्य आकर्षण
यह विशेष कार्यक्रम पारीक संस्कृत महाविद्यालय में संपन्न हुआ। संघ की परंपरा के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन के साथ किया गया। इसके उपरांत, एक बौद्धिक सत्र का आयोजन भी हुआ, जिसमें संघ की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
पथ संचलन का महत्व
द्विधारा पथ संचलन, संघ की गतिविधियों का एक प्रमुख हिस्सा होता है, जो स्वयंसेवकों के बीच अनुशासन, एकता और सामूहिक भावना को बढ़ावा देता है। मेड़ता शहर में इस बार के संचलन का विशेष महत्व था, क्योंकि यह संघ के शताब्दी वर्ष के समापन समारोहों का हिस्सा था। इस अवसर पर, स्वयंसेवकों ने निर्धारित मार्ग पर एक साथ कदमताल करते हुए अपनी संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया।
शताब्दी वर्ष का समापन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। मेड़ता में हुआ यह पथ संचलन इसी समापन श्रृंखला का एक हिस्सा था, जो स्थानीय स्तर पर संघ की गतिविधियों और उसके विस्तार को दर्शाता है। शहर के नागरिकों ने भी इस संचलन को देखा और उसकी सराहना की।
अगले कार्यक्रम
संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने बताया कि शताब्दी वर्ष के समापन तक कई और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समाज में सेवा, संस्कार और संगठन की भावना को और मजबूत करना है।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।