
नागौर में आयोडीन अल्पता दिवस पर जन जागरूकता रैली, गंभीर रोगों से बचाव का संदेश
Listen News
Audio Summary
गुरुवार को विश्व आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस के अवसर पर नागौर जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से आमजन को आयोडीन युक्त नमक के महत्व और संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया गया, ताकि आयोडीन की कमी से होने वाले गंभीर रोगों से बचा जा सके। हमारी टीम द्वारा जुटाए गए विवरण के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य समुदाय में स्वास्थ्य चेतना को बढ़ावा देना था।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरज बिस्सा के निर्देशों के तहत, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केंद्र की प्रशिक्षार्थियों ने इस जागरूकता रैली में सक्रिय भागीदारी की। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर आयोडीन के दैनिक महत्व पर जोर देते हुए नारे लगाए। यह रैली प्रशिक्षण केंद्र से शुरू होकर कलेक्ट्रेट सर्किल तक पहुंची और निर्धारित मार्ग से होते हुए पुनः केंद्र पर समाप्त हुई।
रैली का उद्देश्य और महत्व
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने आयोडीन की कमी से होने वाले भयावह परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. सारण ने कहा कि आयोडीन की कमी से न केवल गर्दन का फूलना (घेंघा रोग) जैसी शारीरिक समस्याएं होती हैं, बल्कि मानसिक सुस्ती, थकावट और बच्चों के शारीरिक विकास में रुकावट जैसी गंभीर चुनौतियाँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे केवल डिब्बाबंद और मान्यता प्राप्त आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करें। साथ ही, उन्होंने यह भी सलाह दी कि खाना पकाते समय नमक हमेशा अंत में डालें, ताकि गर्मी से आयोडीन नष्ट न हो जाए।
आयोडीन का हमारे शरीर में योगदान
आयोडीन हमारे शरीर के लिए एक अत्यंत आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है, जिसके अनेक महत्वपूर्ण कार्य हैं:
- थायराइड हार्मोन का निर्माण: आयोडीन गर्दन में स्थित थायराइड ग्रंथि को थायरोक्सिन (T3 और T4) हार्मोन बनाने में मदद करता है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म (ऊर्जा प्रबंधन) को नियंत्रित करते हैं, जो शारीरिक ऊर्जा स्तर और शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
- मस्तिष्क व शारीरिक विकास: बच्चों में दिमाग की सोचने-समझने की क्षमता और शारीरिक लंबाई के सही विकास के लिए आयोडीन अनिवार्य है। इसकी कमी से बच्चों में मंदबुद्धि और बौनापन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
- गर्भावस्था में सुरक्षा: गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से गर्भपात, समय से पहले जन्म या बच्चे में जन्मजात मंदबुद्धि का खतरा बना रहता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन युक्त आहार विशेष रूप से आवश्यक है।
इस जागरूकता अभियान में जिला महामारी विशेषज्ञ शाकिर खान, प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य ओमप्रकाश तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमंत उज्ज्वल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर समाज को आयोडीन के प्रति जागरूक करने के इस महत्वपूर्ण कार्य को सराहा और इसमें अपना योगदान दिया। हमारी टीम लगातार ऐसे जनहित के मुद्दों को आप तक पहुंचाती रहेगी।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, यह रैली एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने जिले में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।