
नागौर में करवा चौथ पर गौरी योग का विशेष संयोग: सुहागिनों में उत्साह
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, इस वर्ष करवा चौथ का पर्व विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर 'गौरी योग' का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे पूजा-पाठ और व्रत के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है।
व्रत और पूजा का धार्मिक महत्व
गौरी योग के इस विशेष संयोग के कारण सुहागिन महिलाएं अत्यंत उत्साहित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश के साथ माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस शुभ योग में की गई आराधना से परिवार में सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पूजा की तैयारी और नियम
जिले भर में करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। महिलाओं ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। व्रत के मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- संकल्प: महिलाएं सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद संकल्प लेकर निर्जला व्रत की शुरुआत करेंगी।
- निर्जला व्रत: दिनभर अन्न और जल का त्याग कर भगवान की भक्ति में लीन रहेंगी।
- पूजन सामग्री: शाम को करवा, दीपक, रोली और अक्षत के साथ माता की पूजा अर्चना की जाएगी।
- कथा श्रवण: शाम के समय करवा माता की कथा सुनने की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, गौरी योग में माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। नगर के विभिन्न मंदिरों और घरों में महिलाओं द्वारा विशेष सजावट और पूजा पंडालों की तैयारी की जा रही है। सायं काल में चंद्रोदय के साथ ही महिलाएं अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करेंगी। हमारी टीम नागौर जिले की सभी तहसीलों में इस पावन पर्व के उल्लास पर नजर बनाए हुए है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।