
नागौर: फिड़ोद मार्ग पर खुले में मृत पशु डालने से संक्रमण का खतरा, ग्रामीणों में आक्रोश
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के फिड़ोद क्षेत्र में स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मुख्य मार्ग के किनारे मृत पशुओं को खुले में फेंका जा रहा है, जिससे न केवल क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैल रही है, बल्कि बीमारियों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्वच्छता पर सवाल, जिम्मेदारों की चुप्पी
सड़क के किनारे मृत पशुओं के सड़ने के कारण वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास रहने वाले ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। इस लापरवाही के कारण कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बीमारी का प्रसार: खुले में पड़े मृत शवों के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
- दुर्गंध और गंदगी: इस मार्ग से निकलने वाले स्कूली बच्चों और आम लोगों को भारी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
- पर्यावरण प्रदूषण: मृत पशुओं के अवशेषों के कारण मिट्टी और वायु प्रदूषण की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है।
प्रशासन से समाधान की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय से मृत पशुओं को आबादी क्षेत्र से दूर और उचित तरीके से निस्तारित करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। हमारी टीम का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की और मृत पशुओं के निस्तारण के लिए उचित स्थान सुनिश्चित नहीं किया, तो क्षेत्र में महामारी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। फिलहाल, इस लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों में व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।