
नागौर: शरद पूर्णिमा पर हनुमान मंदिर में गूंजा सुंदरकांड, रात्रि जागरण
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ आज, शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर नया दरवाजा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में संगीतमय सामूहिक सुंदरकांड पाठ और भव्य रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मानस सत्संग परिवार के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भक्तिमय वातावरण में डूब गए।
शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणें अमृतमयी होती हैं, जो स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करती हैं। इस विशेष तिथि पर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ का आयोजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। आज के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भी इसी पवित्र भावना को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
सुंदरकांड पाठ का आध्यात्मिक महत्व
श्री रामचरितमानस का सुंदरकांड प्रसंग भगवान हनुमान की अदम्य शक्ति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। इसका पाठ करने से भक्तों को मानसिक शांति, साहस और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी उपस्थित लोगों को एक साथ भक्ति रस में डूबने का अवसर मिलता है। आज के कार्यक्रम में भी सुंदरकांड पाठ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने प्रभु श्री राम और हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया।
- आयोजन तिथि: 25 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा के अवसर पर
- स्थान: नया दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर, नागौर
- मुख्य कार्यक्रम: संगीतमय सामूहिक सुंदरकांड पाठ और रात्रि जागरण
- आयोजक: मानस सत्संग परिवार
- उपस्थिति: बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं भक्तगण
भक्तिमय रात्रि जागरण
सुंदरकांड पाठ के पश्चात् रात्रि जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी। देर रात तक चले इस जागरण में भक्तों ने झूमते-गाते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। जागरण का उद्देश्य भक्तों को पूरी रात जागकर ईश्वर का स्मरण करने और अपनी भक्ति को और अधिक गहरा करने का अवसर प्रदान करना होता है। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और आज भी श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। जागरण के दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और अन्य स्तोत्रों का पाठ भी किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
मानस सत्संग परिवार द्वारा किए गए इस आयोजन से नागौर शहर में एक विशेष धार्मिक चेतना का संचार हुआ। हमारी टीम ने देखा कि इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और सभी उम्र के लोग, विशेषकर युवा पीढ़ी, भी इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग ले रही थी। ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को मजबूत करते हैं, बल्कि समुदाय में एकता और सद्भाव को भी बढ़ावा देते हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर नागौर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया है, जहां हर पर्व और उत्सव को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।