
डीडवाना पुलिस ने किया अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, 61 लाख की धोखाधड़ी उजागर
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हमारे डीडवाना संवाददाता के अनुसार, डीडवाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह से जुड़े चार प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके साथ ही 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को शेयर बाजार में बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाता था और फिर 'डेल्टा ऐल्गो' नामक ऐप डाउनलोड करवाकर ठगी को अंजाम देता था।
साइबर ठगी का तरीका और शिकायत
गिरोह के सदस्य फेसबुक पर शेयर बाजार में निवेश के विज्ञापन दिखाते थे और संपर्क करने पर अच्छा लाभ दिलाने का झांसा देते थे। पीड़ितों को विश्वास में लेने के बाद, वे उनके मोबाइल में 'डेल्टा ऐल्गो' ऐप डाउनलोड करवाते थे। शुरुआती दौर में, वे छोटी रकम निवेश करवाकर उसे बड़ा लाभ दिखाते थे, जिससे पीड़ित लालच में आकर बड़ी रकम उस ऐप में डाल देते थे। एक बार जब बड़ी रकम ऐप में आ जाती थी, तो विदेशों में बैठे गिरोह के सदस्य खातों की व्यवस्था करने वाली शाखाओं से संपर्क कर ठगी के पैसे निकलवा लेते थे। पीड़ितों को ऐप पर अपनी रकम और लाभ तो दिखाई देता था, लेकिन वे उसे निकाल नहीं पाते थे।
- गत 3 सितंबर को सुनील कुमार नामक एक पीड़ित ने साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।
- शिकायत में बताया गया कि फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश की पोस्ट देखकर वह आरोपियों द्वारा दिए गए व्हाट्सएप नंबर से जुड़ा।
- आरोपियों ने उसे अच्छी कमाई का लालच देकर डेल्टा ऐल्गो ऐप डाउनलोड करवाया और उसमें 61 लाख 50 हजार रुपये का निवेश करवा लिया।
- पीड़ित को बाद में पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है, क्योंकि वह ऐप से पैसे नहीं निकाल पा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
डीडवाना पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और साइबर थानाधिकारी भानु प्रताप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया।
- पुलिस टीम ने खातों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर उनका विश्लेषण किया और परिवादी से गहन पूछताछ की।
- तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विपिन कुमार सिंह (उम्र 35, निवासी ग्राम जजाला नगरा, बलिया, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी चांदमारी बड़ा लालपुर, वाराणसी) का पता लगाया गया। उसके खाते में पीड़ित से ठगी के 43 लाख रुपये जमा कर निकाले गए थे। विपिन को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस जांच में सामने आया कि यह खाता प्रशांत पाठक (उम्र 34, निवासी प्राइमरी स्कूल के सामने भीटी रामनगर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश) को दिया गया था। प्रशांत पाठक को भी वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
- प्रशांत ने यह खाता 'राम' के माध्यम से दीपक कुमार उर्फ अरमान सिंह (उम्र 34, मूल निवासी करपी बाजार, अरवल, बिहार, वर्तमान निवासी गुरुकृपा अपार्टमेंट, कतरास रोड, सरदार मोहल्ला, धनबाद, झारखंड) को दिया था। अरमान सिंह द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल के तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर कई शहरों में पीछा करने के बाद उसे लखनऊ से पकड़ा गया।
- दीपक कुमार उर्फ अरमान सिंह के साथ मोहम्मद रिजवान खान (उम्र 27, निवासी फुसबंगला भागा कंचन क्लिनिक के पास झरिया, जोरापोखर, धनबाद, झारखंड) को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। डीडवाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे ऑनलाइन निवेश के प्रलोभनों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।