
चुनाव हारीं चिड़ी देवी, ग्रामीणों ने थाल में सजाकर दिए 25 लाख
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हमारे मूंडवा संवाददाता के अनुसार...
राजनीति में हार-जीत सामान्य बात है, लेकिन नागौर जिले की मूंडवा पंचायत समिति के भदौरा ग्राम पंचायत में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने मानवीय मूल्यों और आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है। यहां सरपंच चुनाव हारने वाली किसान महिला प्रत्याशी चिड़ी देवी के प्रति ग्रामीणों ने अनोखा सम्मान जताते हुए न केवल उनके गम को बांटा, बल्कि आपसी सहयोग से 25 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि थाल में सजाकर भेंट की।
ग्रामीणों का स्नेह और सामाजिक एकता का प्रदर्शन
भदौरा पंचायत के मोड़ी गांव की रहने वाली 45 वर्षीय चिड़ी देवी एक साधारण किसान परिवार से हैं। उनके पति हेमाराम राव खेती-किसानी करते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद जहां एक ओर हार का मलाल हो सकता था, वहीं दूसरी ओर मोडी के ग्रामीणों ने कुछ अलग करने का मन बनाया। गांव में एक आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने स्वेच्छा से सहयोग कर 25 लाख रुपए की राशि जुटाई। इस राशि को एक थाल में सजाकर प्रत्याशी चिड़ी देवी के निवास पर ले जाया गया, जहां उन्होंने स्नेह और सम्मान के साथ इसे स्वीकार किया।
चुनाव परिणाम और प्रत्याशी
चुनाव में चिड़ी देवी का मुकाबला भदौरा गांव से रिटायर्ड थानेदार माधोसिंह की पुत्रवधू गिरिजा सान्दू से था। गिरिजा सान्दू ने 162 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। गिरिजा को जहां 1317 मत प्राप्त हुए, वहीं चिड़ी देवी को 1155 मत मिले। इस हार के बावजूद, ग्रामीणों का यह कदम चर्चा का विषय बना हुआ है।
पारिवारिक योगदान और ग्रामीणों की भावना
- चिड़ी देवी के पति हेमाराम राव ने दो साल पहले गांव की गोशाला के लिए एक ट्रैक्टर भेंट किया था।
- उन्होंने गांव में एक प्याऊ का निर्माण भी कराया था और एक बोरवेल खुदवाने की घोषणा भी की थी।
- ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव में हार-जीत अपनी जगह है, लेकिन आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
- हेमाराम राव ने ग्रामीणों के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पद मिले या न मिले, गांव वालों का यह अपनापन ही सबसे बड़ी पूंजी है।
यह घटना नागौर जिले में न केवल चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार समुदाय की एकजुटता और आपसी सहयोग विपरीत परिस्थितियों में भी जीत का एहसास करा सकते हैं।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।