
जायल में प्रशासन का एक्शन: मिठाई की दुकानों पर छापामार कार्रवाई, भारी मात्रा में सड़ा माल नष्ट
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हमारे जायल संवाददाता के अनुसार, दीपावली के त्योहार को देखते हुए मिलावटखोरों और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में खाद्य सुरक्षा टीम ने जायल कस्बे में स्थित प्रमुख प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण किया, जिससे शहर के मिठाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई में जब्त और नष्ट किया गया सामान
जांच के दौरान टीम ने पाया कि दुकानों पर न केवल मानकों का उल्लंघन हो रहा था, बल्कि उपभोक्ताओं को जानलेवा बासी मिठाइयां भी परोसी जा रही थीं। टीम ने मौके पर ही निम्नलिखित सामग्री को नष्ट करवाया:
- 35 किलो सड़े रसगुल्ले: ये अत्यधिक बदबूदार थे और लंबे समय से चाशनी में पड़े हुए थे।
- 15 किलो मावा कचौड़ी: बासी मावे से निर्मित इन कचौड़ियों से खट्टी गंध आ रही थी।
- 20 किलो खराब लड्डू: इन लड्डुओं में फंगस लग चुकी थी।
- 1 किलो खराब अंजीर: पूरी तरह से सड़ चुके अंजीर को भी टीम ने जब्त कर नष्ट किया।
सैंपल लिए गए, लैब रिपोर्ट का इंतजार
खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जायल स्थित श्री खेतेश्वर जोधपुर मिष्ठान भंडार, मैसर्स बजाज ब्रदर्स एवं बाबा रामदेव मसाला प्रतिष्ठानों से रसगुल्ला, राजभोग, सोनपापड़ी, सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल के कुल 6 नमूने सील किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि लैब रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्वास्थ्य के प्रति चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि बासी और सड़े हुए मावे, रसगुल्ले व कचौड़ी का सेवन जानलेवा हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पदार्थों में साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे घातक बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जिससे गंभीर फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट में तेज ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही, बार-बार उबाले गए घटिया तेल के सेवन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है, जो हृदय संबंधी रोगों को न्योता देता है। हमारी टीम लगातार इस अभियान को जारी रखेगी ताकि आमजन की सेहत से कोई समझौता न हो।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।