
प्रबोधकों को जल्द मिलेगा द्वितीय एसीपी का लाभ, आदेश 20 नवंबर तक संभव
Posted on 5 नवंबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, राजस्थान प्रबोधक संघ ने अपने सदस्यों के लिए द्वितीय एसीपी (द्वितीय . . . . . ) के स्वीकृति आदेश जारी करने की मांग को लेकर प्रारंभिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। इस मांग पर संज्ञान लेते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय, प्रारंभिक शिक्षा मुनेश कुमार मीना ने आश्वासन दिया है कि 20 नवंबर के बाद इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे।
द्वितीय एसीपी की मांग का आधार
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2008 में नियुक्त हुए प्रबोधकों ने अक्टूबर 2026 तक अपनी 18 साल की सेवा पूरी कर ली है। नियमानुसार, यह अवधि उन्हें द्वितीय एसीपी का लाभ पाने का हकदार बनाती है। संघ के अनुसार, संबंधित प्रबोधकों ने शाला दर्पण पोर्टल पर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है और अपनी नौ साल की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) भी कार्यालय में जमा करा दी है। हालांकि, अब तक स्वीकृति आदेश जारी नहीं किए गए हैं, जबकि अन्य जिलों में इस संबंध में आदेश जारी हो चुके हैं।
प्रशासनिक प्रक्रिया और आगामी कदम
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हाल के चुनावी कार्यों में कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण यह प्रक्रिया थोड़ी विलंबित हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदनों की गहन जांच के लिए संबंधित अनुभाग प्रभारी और लेखाकार को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद, 20 नवंबर के बाद द्वितीय एसीपी स्वीकृति आदेश जारी करने की पूरी संभावना है।
संघ के प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण ज्ञापन को सौंपने के अवसर पर राजस्थान प्रबोधक संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। इनमें संघ संयोजक गंगाराम प्रजापत, जिलाध्यक्ष रतन चतुर्वेदी, प्रदेश मंत्री कांतिकिशोर लवानिया, उपाध्यक्ष विंजयराम मीना और प्रदेश उपाध्यक्ष अमृतलाल छाबड़ा शामिल थे।
मुख्य बिंदु:
- प्रबोधकों को द्वितीय एसीपी लाभ देने की मांग।
- 18 साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले प्रबोधक शामिल।
- ऑनलाइन आवेदन और ACR जमा की जा चुकी है।
- आदेश 20 नवंबर के बाद जारी होने की उम्मीद।
- चुनावी कार्यों से प्रक्रिया में आई थी देरी।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


