
Rajasthan Schools: Educational Tours Now Mandatory for Students!
Posted on 6 नवंबर 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार...
शैक्षिक भ्रमण का बढ़ा महत्व
राजस्थान के विभिन्न स्कूलों में शैक्षिक भ्रमण को अब और अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में, नांदोली स्थित सविता इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक एक छह दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस यात्रा के दौरान, विद्यार्थियों ने न केवल राजस्थान के बल्कि उत्तराखंड के भी प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का दौरा किया।
उद्देश्य और लाभ
इस प्रकार के भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इन यात्राओं से छात्रों को विभिन्न संस्कृतियों, इतिहास और भूगोल की प्रत्यक्ष जानकारी मिलती है, जो उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी इन स्थलों के महत्व को समझते हैं और अपने ज्ञान का विस्तार करते हैं।
शिक्षा विभाग का प्रोत्साहन
हाल ही में, जयपुर सचिवालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी स्कूलों को अपने पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में नियमित रूप से ऐसे शैक्षिक भ्रमण आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा और उन्हें बेहतर नागरिक बनने में मदद करेगा। यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो अक्सर अपने स्थानीय परिवेश से बाहर नहीं निकल पाते हैं।
भविष्य की योजनाएं
यह देखा जा रहा है कि विभिन्न स्कूल अब छात्रों के लिए ऐसी यात्राओं की योजना बना रहे हैं। इस प्रकार के भ्रमणों के लिए स्कूलों को उचित अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। विभाग इस पर भी विचार कर रहा है कि क्या इन यात्राओं को भविष्य में अनिवार्य किया जा सकता है।
- अवधि: 6 दिन (31 अक्टूबर - 5 नवंबर)
- स्थल: राजस्थान और उत्तराखंड के धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल
- उद्देश्य: व्यावहारिक ज्ञान, सांस्कृतिक समझ, और समग्र विकास
- प्रोत्साहन: जयपुर सचिवालय से स्कूलों को प्रोत्साहन
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


