
Rajasthan Colleges: 15000 Students' Exams at Risk Due to NOC Lapses
Posted on 6 नवंबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, प्रदेश के 40 निजी कॉलेजों को अभी तक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त नहीं हुए हैं, जिससे इस सत्र में लगभग 15,000 विद्यार्थियों की परीक्षाएं अटकने का गंभीर संकट मंडरा रहा है। यह समस्या लगातार दूसरे वर्ष हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
एनओसी विवाद का गहराता संकट
पिछले तीन से पांच वर्षों से बिना एनओसी के संचालित हो रहे इन 40 कॉलेजों को शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र नहीं मिले हैं। इसके परिणामस्वरूप, इन कॉलेजों में अध्ययनरत प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक के लगभग 15,000 विद्यार्थियों के सभी छह सेमेस्टर प्रभावित होने की कगार पर हैं। पिछले वर्ष भी 51 कॉलेज इसी प्रकार बिना एनओसी के सामने आए थे, जिनमें से केवल 11 ने ही अपनी प्रक्रिया पूरी की थी, जबकि शेष 40 अभी भी इस औपचारिकता से जूझ रहे हैं।
विश्वविद्यालय का सख्त रुख और पेनल्टी का मुद्दा
कई कॉलेज एनओसी प्राप्त करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की सख्ती का सामना कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन पेनल्टी जमा करवाए बिना इन कॉलेजों को परीक्षा प्रक्रिया संचालित करने की अनुमति देने को तैयार नहीं है। पिछले सत्र में भी विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए 50,000 रुपये प्रतिवर्ष की पेनल्टी के साथ अस्थायी रूप से परीक्षा आवेदन भरने की छूट दी गई थी, साथ ही इन कॉलेजों में नए प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। इस बार भी एनओसी और पेनल्टी के बीच कॉलेजों और विद्यार्थियों का भविष्य उलझ गया है।
संसाधनों की कमी और पिछली जांचों की अनदेखी
पिछले वर्ष की जांचों में यह बात भी सामने आई थी कि इन कॉलेजों में निर्धारित जमीन, भवन, शिक्षकों की उपलब्धता, खेल मैदान और अन्य आवश्यक संसाधन संबंधी मापदंडों की अनदेखी की गई थी। इसके बावजूद, लंबे समय तक इन कॉलेजों को विश्वविद्यालय से संबद्धता मिलती रही, जो अब एक बड़ी समस्या का कारण बन गई है।
अदालती राहत के बावजूद नए प्रवेश पर रोक
कुछ कॉलेजों ने अदालतों का दरवाजा खटखटाकर एनओसी प्राप्त करने में सफलता पाई है। हालांकि, कॉलेज आयुक्तालय ने शिक्षा सत्र 2026-27 में इन कॉलेजों में नए प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रखा है। इससे एनओसी मिलने के बावजूद कॉलेजों को नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने में बाधा आ रही है। कई कॉलेजों ने अदालत के आदेश के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया था, लेकिन आयुक्तालय का आदेश अब उनके लिए एक नई मुसीबत खड़ी कर रहा है।
विद्यार्थियों के लिए मुख्य बिंदु:
- परीक्षाओं पर अनिश्चितता: लगभग 15,000 विद्यार्थियों की परीक्षाएं रद्द या स्थगित हो सकती हैं।
- नया प्रवेश बाधित: एनओसी के अभाव में कॉलेज सत्र 2026-27 में नए छात्रों को प्रवेश नहीं दे पाएंगे।
- अस्थायी समाधान की उम्मीद: पिछले वर्ष की तरह, विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए पेनल्टी के साथ अनुमति मिल सकती है, लेकिन यह अनिश्चित है।
- कॉलेजों की जवाबदेही: कॉलेजों को जल्द से जल्द सभी आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने होंगे।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


