
लूणियास में 1555 ने किया मतदान का बहिष्कार, डांगावास में बदली EVM
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पंचायत चुनावों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अव्यवस्थाओं और मतदाताओं के असंतोष की खबरें सामने आई हैं। मेड़ता पंचायत समिति क्षेत्र के लूणियास गांव में ग्रामीणों ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनावों का बहिष्कार किया, जिसके चलते 1555 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। वहीं, डांगावास के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में गड़बड़ी के कारण मशीन बदलनी पड़ी।
मतदान बहिष्कार और मांगें
हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, लूणियास गांव के ग्रामीणों ने अपनी मांग पर अड़े रहते हुए मतदान का बहिष्कार किया। उनकी मुख्य मांग है कि लूणियास को या तो एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए या उसे बड़गांव ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने परिसीमन से पहले बड़गांव ग्राम पंचायत का हिस्सा होने के बाद, नई व्यवस्था में बायड़ ग्राम पंचायत में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क है कि लूणियास की जनसंख्या बायड़ से अधिक है और राजस्व की दृष्टि से भी यह गांव महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने करीब छह महीने पहले जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और विधायक को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी थी और मांगें पूरी न होने पर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी। शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों, जिसमें नागौर तहसीलदार नरसिंहराम टाक भी शामिल थे, के समझाने के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर कायम रहे।
बुजुर्ग मतदाताओं की समस्याएं
चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतें भी मिलीं। भैरूंदा पंचायत समिति क्षेत्र के सथाना कला मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर की व्यवस्था न होने से बुजुर्गों को दूसरों के सहारे मतदान केंद्र तक पहुंचना पड़ा। व्हीलचेयर के लिए बने रैंप पर लोहे की जाली लगी होने से उसका उपयोग भी बाधित हुआ। रियांबड़ी क्षेत्र के भी कुछ मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर की कमी देखी गई। हालांकि, रेण के मतदान केंद्र संख्या 18 पर लंबी कतारों के बीच 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला और स्लिप डिस्क से पीड़ित महिला ने भी मतदान किया, जो मतदाताओं के उत्साह को दर्शाता है, पर सुविधाओं की कमी चिंता का विषय बनी रही।
EVM में गड़बड़ी और सुरक्षा व्यवस्था
डांगावास के मतदान केंद्र संख्या एक पर मॉक पोल के दौरान ही ईवीएम में खराबी आ गई, जिसके चलते मशीन को बदलना पड़ा और मतदान प्रक्रिया शुरू की गई। एरिया मजिस्ट्रेट चिरंजी लाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मशीन बदलने के बाद सुचारू रूप से मतदान संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त, बिजाथल के अति संवेदनशील मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए, जहां पुलिसकर्मियों के हथियार छोड़कर दूर खड़े होने के आरोप लगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है, पर अति संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
मतदान प्रतिशत
- भैरूंदा: 19 मतदान केंद्रों पर 74,378 वोट पड़े, अंतिम मतदान प्रतिशत 65.03% रहा।
- डेगाना: 23 मतदान केंद्रों पर 92,811 वोट पड़े, अंतिम मतदान प्रतिशत 65.45% रहा।
- मेड़ता सिटी: 17 मतदान केंद्रों पर 64,053 वोट पड़े, अंतिम मतदान प्रतिशत 71.64% रहा।
- मेड़ता रोड-गोटन: 17 मतदान केंद्रों पर 66,257 वोट पड़े, अंतिम मतदान प्रतिशत 73.48% रहा।
- मूंडवा: 1 मतदान केंद्र पर 4,107 वोट पड़े, अंतिम मतदान प्रतिशत 75.19% रहा।
- रियांबड़ी: 15 मतदान केंद्रों पर 58,109 वोट पड़े, अंतिम मतदान प्रतिशत 67% रहा।
- कुल: 92 मतदान केंद्रों पर 58,334 वोट पड़े, कुल अंतिम मतदान प्रतिशत 67.10% रहा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।