
बासनी के वार्ड 29 में मनरेगा मजदूरी और जल संकट से गहराया असंतोष
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, नागौर जिले के बासनी स्थित नगर पालिका के वार्ड 29 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत किए गए कार्यों का मजदूरी भुगतान पूरी तरह से नहीं होने का गंभीर मामला सामने आया है। इसके साथ ही, वार्ड में व्याप्त भीषण जल संकट ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। वार्ड पार्षद रुखसाना बानो ने प्रतिपक्ष नेता अनवर चौहान को इस पूरे प्रकरण से अवगत कराया है, जिसके बाद इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की मांग की जा रही है।
मनरेगा मजदूरों को भुगतान का इंतजार
वार्ड 29 में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्य कराए गए थे, जिनका उद्देश्य स्थानीय श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना था। हालांकि, इन कार्यों के पूरा होने के महीनों बाद भी, मजदूरों को उनकी मेहनत का पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है। यह स्थिति उन गरीब परिवारों के लिए गंभीर चुनौती बन गई है, जो अपनी दैनिक आजीविका के लिए मनरेगा मजदूरी पर निर्भर करते हैं।
- कई श्रमिकों ने बताया कि उन्हें आंशिक भुगतान मिला है, जबकि कुछ को अभी तक एक भी रुपया नहीं मिला।
- भुगतान में देरी के कारण परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है, जिससे उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाने में परेशानी हो रही है।
- पार्षद रुखसाना बानो ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि काम पूरा होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाना अनिवार्य है।
- प्रतिपक्ष नेता अनवर चौहान ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सभी पात्र श्रमिकों को उनका बकाया भुगतान जल्द से जल्द मिले।
पेयजल संकट से जूझ रहे वार्डवासी
मनरेगा भुगतान की समस्या के अलावा, वार्ड 29 के निवासी लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। वार्ड में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाने या महंगे टैंकरों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
- स्थानीय महिलाओं ने बताया कि उन्हें घंटों कतार में खड़े रहना पड़ता है या कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है।
- अनेक घरों में नल तो हैं, लेकिन उनमें कई दिनों तक पानी नहीं आता, जिससे स्वच्छता और दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
- जल संकट के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं, क्योंकि लोग अक्सर अनुपयुक्त स्रोतों से पानी लेने को मजबूर होते हैं।
- वार्ड पार्षद और स्थानीय नेताओं ने कई बार प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग से इस समस्या के समाधान की अपील की है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
स्थानीय प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
वार्ड 29 में व्याप्त इन दोनों गंभीर समस्याओं पर स्थानीय प्रशासन की कथित उदासीनता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है, और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्रतिपक्ष नेता अनवर चौहान ने जोर देकर कहा कि नगर पालिका और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए ताकि इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन मुद्दों पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वार्डवासी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। हमारी टीम इन घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आता है, हम आपको सूचित करेंगे।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।