
मेड़ता: शरद पूर्णिमा पर हनुमानजी का विशेष शृंगार, संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन
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मेड़ता सिटी में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर धार्मिक उत्सव का माहौल रहा। इस विशेष दिन पर, स्थानीय मीरा एवं चारभुजा मंदिर में एक संगीतमय सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्तिमय वातावरण का अनुभव किया।
विशेष शृंगार और भक्तिमय माहौल
शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर, श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए हनुमानजी का विशेष शृंगार किया गया। मंदिर परिसर को फूलों और पारंपरिक सज्जा से सजाया गया, जिससे एक दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ। इस शृंगार के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की।
संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संगीतमय सुंदरकांड पाठ रहा। भजन-कीर्तन और मधुर संगीत के बीच, उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सुंदरकांड का पाठ किया। श्लोकों और चौपाइयों के गूंजने से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। भक्तों ने भगवान के जयकारे लगाए, जिससे उत्सव की खुशी और बढ़ गई।
श्रद्धालुओं की सहभागिता
मेड़ता सिटी के नागरिकों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में गहरी आस्था के साथ भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने मिलकर भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और भक्ति की धारा में डूब गए। मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई थी।
धार्मिक महत्व
शरद पूर्णिमा हिन्दू पंचांग के अनुसार एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है, जिसे 'कोजागरी पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है। इस रात्रि को चन्द्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ रहता है और माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान करने का विशेष महत्व है।
हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और श्रद्धालुओं ने इस भक्तिमय अनुभव के लिए मंदिर प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।