
रेण में बुजुर्ग मां से बेटे ने धोखे से कराई जमीन की रजिस्ट्री, अब हो रही परेशान
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नागौर जिले के रेण कस्बे से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग मां को उनके ही बेटे ने धोखे का शिकार बनाया है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने के बहाने बेटे ने मां से जमीन के हकत्याग (रिलिंसमेंट) के दस्तावेजों पर अंगूठा और हस्ताक्षर करवा लिए। अब जब केसीसी नहीं बना, तो बुजुर्ग मां अपनी जमीन के मालिकाना हक से बेदखल हो गई हैं और उन्हें बुढ़ापे में दर-दर भटकना पड़ रहा है।
धोखे से कराई गई जमीन की रजिस्ट्री
यह पूरा मामला रेण कस्बे का है, जहां एक बुजुर्ग मां अपने बेटे के साथ रहती थीं। बेटे ने अपनी मां को यह भरोसा दिलाया कि वह उनका किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने में मदद करेगा। इसके लिए उसे कुछ कागजी कार्रवाई करनी होगी, जिसमें जमीन के हकत्याग से संबंधित दस्तावेज शामिल थे। भोलेपन में या शायद बेटे पर विश्वास के चलते, बुजुर्ग मां ने बेटे द्वारा लाए गए दस्तावेजों पर बिना सोचे-समझे अंगूठा और हस्ताक्षर कर दिए।
बुढ़ापे की लाठियां खुद भीग रहीं आंसुओं से
जैसे ही दस्तावेजों पर बुजुर्ग मां के अंगूठे और हस्ताक्षर हो गए, बेटे का असली चेहरा सामने आ गया। उसने दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उस जमीन पर अपना मालिकाना हक स्थापित कर लिया, जिस पर बुजुर्ग मां का अधिकार था। जब बुजुर्ग मां ने बेटे से केसीसी के बारे में पूछा, तो बेटे ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और अंततः सच सामने आ गया कि उससे धोखे से जमीन का हकत्याग करवा लिया गया है।
न्याय की गुहार, दर-दर भटकने को मजबूर
आज वह बुजुर्ग मां न्याय की गुहार लगा रही है, लेकिन उसका अपना ही बेटा उसके साथ ऐसा कर चुका है कि उसे समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करे। बुढ़ापे की लाठियां, जो सहारा देनी चाहिए थीं, वे आज खुद बुजुर्ग मां के आंसुओं से भीग रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में रिश्तों की गरिमा और बुजुर्गों के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन और समाज की ओर से त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि पीड़ित बुजुर्गों को न्याय मिल सके और वे सुरक्षित महसूस करें।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: रेण, नागौर जिला
- घटना: बेटे द्वारा मां को धोखे से जमीन का हकत्याग करवाना
- कारण: किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने का झांसा
- परिणाम: बुजुर्ग मां का मालिकाना हक छिनना, दर-दर भटकने को मजबूर
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।