
नागौर: एमसीएच विंग के मरीजों के लिए राहत, 1 नवंबर से पार्किंग पूरी तरह फ्री
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के सबसे बड़े जेएलएन अस्पताल की तर्ज पर अब एमसीएच विंग में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने वाली है। 1 नवंबर 2026 से एमसीएच विंग में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग को पूरी तरह से नि:शुल्क कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन के इस फैसले से आमजन को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी और पार्किंग को लेकर होने वाली अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
अस्पताल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पार्किंग को नि:शुल्क करने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- कर्मचारियों की मनमानी: पार्किंग ठेका कर्मचारियों द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
- बदसलूकी और विवाद: निर्धारित समय सीमा से थोड़ी भी देरी होने पर तीमारदारों से अधिक पैसे मांगे जाते थे, जिसका विरोध करने पर विवाद और बदसलूकी की घटनाएं सामने आ रही थीं।
- सड़क पर जाम की समस्या: पार्किंग शुल्क से बचने के चक्कर में लोग अपने वाहन अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर ही खड़े कर देते थे, जिससे आवागमन बाधित होता था।
सफल प्रयोग के बाद निर्णय
अस्पताल प्रबंधन ने इससे पूर्व 1 अक्टूबर 2026 को जेएलएन अस्पताल में पार्किंग को नि:शुल्क किया था। वहां पिछले एक महीने से सुचारू रूप से चल रही इस व्यवस्था और जनता से मिले सकारात्मक फीडबैक को देखते हुए अब एमसीएच विंग में भी यही मॉडल लागू किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल मरीजों के परिजनों को मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल परिसर में पार्किंग का प्रबंधन भी अधिक व्यवस्थित होगा।
क्या बोले जिम्मेदार?
जेएलएन अस्पताल के पीएमओ डॉ. रामावतार जाखड़ के अनुसार, जेएलएन में पार्किंग सुविधा नि:शुल्क किए जाने के बाद व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। इसी अनुभव को आधार मानते हुए एमसीएच विंग में भी पार्किंग शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। आगामी 1 नवंबर से अब मरीजों को अपने वाहनों के लिए किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना होगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।