
मेड़ता की सुशीला सपेरा: बेटी विवाह, गोसेवा और सड़क निर्माण में खर्च किए लाखों
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मेड़ता के पास स्थित लाई गांव की सुशीला सपेरा अपने सेवा कार्यों से समाज में एक मिसाल कायम कर रही हैं। अपने ससुर राणा नाथ सपेरा की प्रेरणा और परिवार से मिले संस्कारों के बल पर, वे जरूरतमंद बेटियों के विवाह से लेकर बेसहारा बच्चों की शिक्षा और गांव की मूलभूत सुविधाओं तक, हर मोर्चे पर सहयोग कर रही हैं। पिछले तीन वर्षों में उन्होंने जरूरतमंद परिवारों की 11 बेटियों के विवाह में लगभग 18 लाख रुपए खर्च किए हैं, जिससे कई परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
सुशीला सपेरा का सेवा भाव केवल बेटियों के विवाह तक सीमित नहीं है। वे गोसेवा के प्रति भी गहरी आस्था रखती हैं। अपने गांव और आसपास की गोशालाओं में वे प्रतिवर्ष आर्थिक सहयोग करती हैं। मेड़ता के पास स्थित एक बड़ी गोशाला में वे सालाना 51 हजार रुपए की सहायता प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त, वे जरूरतमंद और बेसहारा बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। चूरू और खाटूश्यामजी की पाठशालाओं के बच्चों को वे प्रतिवर्ष हजारों रुपए की आर्थिक मदद करती हैं।
बदहाल रास्ते को पक्की सड़क में बदलने का संकल्प
लाई गांव में लगभग 40 वर्षों से एक डेढ़ किलोमीटर लंबे रास्ते की हालत जर्जर थी, जिससे 50 मकानों में रहने वाले लगभग 150 ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा होती थी। इस समस्या को समझते हुए सुशीला सपेरा ने न केवल 6 लाख रुपए खर्च कर ग्रेवल सड़क का निर्माण करवाया, बल्कि अब इस रास्ते को पक्की सीसी सड़क में बदलने के लिए 15 से 20 लाख रुपए खर्च करने का संकल्प भी लिया है। उनकी यह पहल गांव के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
संस्कारों और सकारात्मक सोच का संगम
सुशीला सपेरा के सेवा कार्यों के पीछे उनके ससुर राणा नाथ सपेरा की सकारात्मक सोच और परिवार से मिले संस्कार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राणा नाथ सपेरा हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करते रहे हैं। इसी प्रेरणा के चलते सुशीला ने अपनी कमाई और संसाधनों का उपयोग समाज के हित में करना शुरू किया। उनके लिए सेवा का अर्थ केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दूसरों की परेशानी को कम करना और समाज की सुविधाओं में सुधार लाना है। उनकी यह पहल दर्शाती है कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत घर-परिवार से मिले संस्कारों और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता से होती है।
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नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।