
नागौर: बीएलओ सर्वे कार्य दीपावली अवकाश में कराने की मांग, शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान शिक्षक संघ एसटीएफआई ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य निर्वाचन चुनाव आयुक्त को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मांग की है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के रूप में शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे एसएसआर (Special Summary Revision) कार्यक्रम के तहत सर्वे कार्य को दीपावली अवकाश के दौरान ही संपन्न कराया जाए। यह मांग शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों में व्यवधान को रोकने और उन्हें त्योहार के अवसर पर अवकाश का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से की गई है।
संघ के जिलास्तरीय पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में शैक्षणिक सत्र चल रहा है और ऐसे में शिक्षकों को विद्यालय के अलावा अन्य कार्यों में संलग्न करने से छात्रों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बीएलओ का कार्य अत्यधिक समय लेने वाला और संवेदनशील होता है, जिसके लिए शिक्षकों को अक्सर विद्यालय छोड़कर क्षेत्र में जाना पड़ता है। इससे पाठ्यक्रम को पूरा करने में बाधा आती है और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है।
बीएलओ कार्य और शैक्षणिक दायित्व
- शैक्षणिक कार्यों पर दबाव: शिक्षकों को पहले से ही शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है। एसएसआर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्य को विद्यालय समय में कराने से शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा: बीएलओ के रूप में कार्य करते समय शिक्षकों को अक्सर अपनी कक्षाओं से अनुपस्थित रहना पड़ता है, जिससे छात्रों की नियमित पढ़ाई बाधित होती है और उनका पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पाता।
- कार्य की संवेदनशीलता: चुनावी सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और त्रुटिरहित होना चाहिए। इसके लिए पर्याप्त समय और एकाग्रता की आवश्यकता होती है, जो विद्यालयी व्यस्तताओं के बीच संभव नहीं हो पाता।
शिक्षक संघ ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि दीपावली का पर्व देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस दौरान परिवार के साथ समय बिताना और सामाजिक-धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना हर व्यक्ति का अधिकार होता है। यदि सर्वे कार्य दीपावली अवकाश में संपन्न कराया जाता है, तो शिक्षक बिना किसी दबाव और व्यवधान के अपना कार्य पूर्ण कर पाएंगे। इससे वे अपने परिवार के साथ त्योहार का आनंद भी ले पाएंगे और चुनावी प्रक्रिया में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
दीपावली अवकाश: शिक्षकों का अधिकार
दीपावली का अवकाश शिक्षकों के लिए साल भर की मेहनत के बाद आराम और परिवार के साथ समय बिताने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। विभिन्न गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण अक्सर शिक्षकों को इन अवकाशों का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता, जिससे उनके मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ता है। संघ ने यह भी तर्क दिया है कि यदि यह कार्य अवकाश अवधि में कराया जाता है, तो शिक्षक पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ इसे अंजाम दे पाएंगे, क्योंकि उन्हें उस दौरान किसी और शैक्षणिक दायित्व का निर्वहन नहीं करना होगा। यह कार्य की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार लाएगा।
चुनाव आयोग से अपील
राजस्थान शिक्षक संघ एसटीएफआई ने मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य निर्वाचन चुनाव आयुक्त से अपील की है कि वे शिक्षकों की इस जायज मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। संघ का मानना है कि चुनाव आयोग एक संवेदनशील संस्था है और वह शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में उचित निर्णय लेगा। यह निर्णय न केवल शिक्षकों को राहत देगा, बल्कि शैक्षणिक व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने में सहायक होगा। हमारी टीम इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम का इंतजार कर रही है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।