
राजस्थान शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: अब शाला दर्पण पर दर्ज होगी स्थानीय छुट्टियों की जानकारी
Posted on 30 अक्टूबर 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा विभाग ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किया है। अब स्कूलों में घोषित होने वाले 'स्थानीय अवकाश' की जानकारी सीधे शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग द्वारा इस उद्देश्य के लिए एक विशेष 'हॉलिडे एंट्री मॉड्यूल' को सक्रिय किया गया है।
पोर्टल पर क्यों जरूरी है अवकाश की एंट्री?
शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के निर्देशों के बाद अब किसी भी स्थानीय अवकाश की घोषणा के साथ उसका कारण और तारीख पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। इस नई व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य स्तर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवालय, जयपुर को हर जिले और ब्लॉक की शैक्षणिक गतिविधियों की वास्तविक स्थिति का पता रहे।
शिक्षकों और प्रशासनिक कार्यों पर इसका प्रभाव
पूर्व में यह देखा गया है कि जिला कलेक्टर द्वारा अवकाश घोषित होने के बावजूद, शिक्षकों को विभिन्न सरकारी अभियानों जैसे 'विकसित भारत जनसेवा अभियान' या स्कूल सौंदर्यीकरण एवं दीपोत्सव-2026 जैसे कार्यों में व्यस्त रखा जाता है। शिक्षकों की प्रमुख मांग रही है कि यदि छुट्टी के दिन काम लिया जाता है, तो उसके बदले उन्हें अर्जित अवकाश (पीएल) का लाभ मिलना चाहिए।
शिक्षकों के लिए मुख्य बिंदु:
- डिजिटल रिकॉर्ड: अब अवकाश की प्रविष्टि ऑनलाइन होने से विभागीय वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) या महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की तारीख तय करते समय टकराव की स्थिति नहीं बनेगी।
- पारदर्शिता: पोर्टल पर कारण दर्ज होने से यह स्पष्ट होगा कि छुट्टी का लाभ लिया गया है या विभाग के आदेश पर कार्य किया गया है।
- काम और छुट्टी का सामंजस्य: शिक्षक संगठनों का कहना है कि नई व्यवस्था से यह स्पष्टता आएगी कि क्या छुट्टी के दिन काम करना अनिवार्य है, हालांकि अर्जित अवकाश (पीएल) के नियमों में अभी तक कोई विशेष बढ़ोतरी का आदेश जारी नहीं हुआ है।
हमारी टीम का मानना है कि यह बदलाव प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय के लिए किया गया है। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विद्यालय लॉगिन से अवकाश एंट्री मॉड्यूल को समय पर अपडेट करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


