
नागौर में स्कूलों और पंचायतों को तंबाकू मुक्त बनाने का लक्ष्य: 26 दिसंबर तक चलेगा विशेष अभियान
Posted on 3 नवंबर 2026
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राज्य सरकार के निर्देशानुसार, नागौर जिले में बच्चों और युवाओं को तंबाकू के सेवन से बचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी 'टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 4.0' का आगाज हो चुका है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी स्कूलों और ग्राम पंचायतों को 26 दिसंबर 2026 तक तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करवाना है। हमारी टीम इस महत्वपूर्ण पहल पर लगातार नज़र बनाए हुए है, ताकि भविष्य की पीढ़ी को एक स्वस्थ और तंबाकू मुक्त वातावरण मिल सके।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में जन जागरूकता
जिले भर में यह दो महीने लंबा जन जागरूकता अभियान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में चलाया जा रहा है। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, और स्काउट-गाइड संगठनों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। इस व्यापक साझेदारी का लक्ष्य है कि अभियान की पहुँच समाज के हर वर्ग तक हो, विशेषकर ग्रामीण और शैक्षणिक क्षेत्रों में।
अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
- स्कूलों में प्रतियोगिताएं: बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में वाद-विवाद, निबंध और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
- जागरूकता रैलियां: छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों की भागीदारी से जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी, जो तंबाकू से होने वाले नुकसान का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगी।
- नुक्कड़ नाटक: तंबाकू के सेवन के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
- कोटपा एक्ट 2003 का शत-प्रतिशत पालन: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 (कोटपा एक्ट) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए तंबाकू विक्रेताओं और आमजन को जागरूक किया जाएगा कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू का सेवन दंडनीय अपराध है।
तंबाकू विक्रेताओं और आमजन को भी जोड़ा जाएगा
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू के जानलेवा दुष्प्रभावों से बचाना है। इसके लिए चिकित्सा विभाग के कर्मी विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्काउट-गाइड के सहयोग से स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी हितधारकों का सहयोग लिया जा रहा है, जिसमें तंबाकू विक्रेता, खाद्य सुरक्षा प्रकोष्ठ, तंबाकू उपयोगकर्ता, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और स्वयंसेवी संस्थाएं शामिल हैं। इन सभी के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें अभियान के लक्ष्यों और उनकी भूमिका के बारे में बताया जा रहा है।
ग्राम स्तर पर समितियों की भूमिका
ग्राम स्तर पर गठित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों (वीएचएसएनसी) और शहरी क्षेत्रों में गठित समितियों के माध्यम से आमजन को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाएगा। हमारी टीम का मानना है कि इन स्थानीय समितियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और लोग तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
सोशल मीडिया पर भी विशेष अभियान
डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए, इस अभियान के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इनके माध्यम से तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास है कि 26 दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नागौर जिले के सभी स्कूलों और ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से तंबाकू मुक्त घोषित किया जा सके। यह एक बड़ा कदम है जो हमारे जिले के भविष्य को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में मदद करेगा। हमारी टीम नागौर जिले के सभी निवासियों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग करने की अपील करती है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


