
राजस्थान में स्कूलों के एमडीएम और दुग्ध योजना का फंड अटका, शिक्षकों की मांगें अटकीं
Posted on 24 अक्टूबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, राज्य भर के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) योजना के संचालन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विभिन्न जिलों से ऐसी खबरें आ रही हैं जहां खाद्यान्न की कमी के साथ-साथ कुकिंग कन्वर्जन राशि और कुक-कम-हेल्पर के मानदेय का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। इस अव्यवस्था के कारण स्कूलों में एमडीएम योजना का सुचारू संचालन प्रभावित हो रहा है।
प्रमुख मांगें और समस्याएँ
- खाद्यान्न की कमी: सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध नहीं है, जिससे छात्रों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
- कुकिंग कन्वर्जन राशि का अभाव: योजना के संचालन हेतु आवश्यक कुकिंग कन्वर्जन राशि का भुगतान नहीं होने से स्कूलों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- कुक-कम-हेल्पर का मानदेय: इन महत्वपूर्ण कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान भी अटक गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
- दुग्ध योजना की बकाया राशि: जहाँ दुग्ध योजना संचालित है, वहाँ भी बकाया राशि के भुगतान की मांग जोर पकड़ रही है।
- वेतन भुगतान में देरी: पीडी मद के शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
शिक्षाधिकारियों को ज्ञापन
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के पदाधिकारियों ने प्रदेश उपाध्यक्ष पूरणमल नागर के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) मनोज खुराना को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उपरोक्त समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन मुद्दों का समाधान न होने पर शैक्षिक गतिविधियों के संचालन में बाधा आ सकती है।
अधिकारियों का आश्वासन
जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना ने ज्ञापन का सकारात्मक रूप से संज्ञान लिया है और शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा जल्द से जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इन समस्याओं से अवगत है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यह स्थिति प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के मध्याह्न भोजन और शिक्षा व्यवस्था को सीधे प्रभावित कर सकती है। अभिभावक और शिक्षक संघ उम्मीद कर रहे हैं कि जयपुर सचिवालय से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप किया जाएगा ताकि स्कूलों में शैक्षिक माहौल बना रहे और छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


