
जायल आगे, मुंडवा पीछे: पालनहार योजना में 4195 बच्चों का नवीनीकरण अटका
Posted on 28 अक्टूबर 2026
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नागौर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की महत्वपूर्ण पालनहार योजना के तहत नागौर जिले में 4 हजार से अधिक बच्चों का नवीनीकरण कार्य अभी भी अधूरा है। यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हुई, तो इन बच्चों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि पर संकट खड़ा हो सकता है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले के छह ब्लॉकों में कुल 9742 बच्चे इस योजना से जुड़े हुए हैं, जिनमें से मात्र 5547 बच्चों का नवीनीकरण हो पाया है, जबकि 4195 बच्चों की प्रक्रिया लंबित है।
नवीनीकरण की प्रगति के मामले में जायल ब्लॉक 59.7 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, वहीं मुंडवा ब्लॉक 52.9 प्रतिशत प्रगति के साथ सबसे पीछे चल रहा है। दोनों ब्लॉकों की प्रगति दर में 6.8 प्रतिशत अंकों का अंतर देखा जा रहा है। लंबित बच्चों की संख्या की दृष्टि से खींवसर ब्लॉक सबसे चिंताजनक स्थिति में है, जहां 950 बच्चों का नवीनीकरण अभी बाकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन लंबित मामलों के निपटारे के लिए विभाग स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
विभिन्न ब्लॉकों की प्रगति रिपोर्ट
- जायल: जायल ब्लॉक में 1200 पालनहारों से जुड़े 2179 बच्चों में से 1302 का नवीनीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 877 बच्चे अभी भी लंबित हैं। इस ब्लॉक की प्रगति 59.7 प्रतिशत है, जो जिले में सर्वाधिक है।
- डेगाना: डेगाना ब्लॉक में 889 पालनहारों के 1495 बच्चों में से 878 का नवीनीकरण हो चुका है। यहां 617 बच्चों की प्रक्रिया बाकी है और प्रगति 58.7 प्रतिशत है।
- मेड़ता: मेड़ता ब्लॉक में 994 पालनहारों के 1673 बच्चों में से 973 का नवीनीकरण पूरा हुआ है। यहां 700 बच्चे लंबित हैं और प्रगति 58.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।
- खींवसर: खींवसर ब्लॉक की स्थिति सर्वाधिक गंभीर है, जहां 1108 पालनहारों के 2153 बच्चों में से केवल 1203 का नवीनीकरण हुआ है। यहां 950 बच्चे लंबित हैं और नवीनीकरण की दर 55.8 प्रतिशत है, जो सबसे अधिक संख्या में लंबित मामले दर्शाता है।
- भेरूंदा: भेरूंदा में 312 पालनहारों के 568 बच्चों में से 304 का नवीनीकरण हो चुका है। यहां 264 बच्चे लंबित हैं और प्रगति 53.5 प्रतिशत है।
- मूंडवा: मूंडवा ब्लॉक में 948 पालनहारों के 1674 बच्चों में से 887 का नवीनीकरण पूरा हुआ है। यहां 787 बच्चे लंबित हैं और 52.9 प्रतिशत प्रगति के साथ यह ब्लॉक सबसे पीछे है।
समय पर नवीनीकरण की महत्ता
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, पालनहार योजना के तहत नवीनीकरण प्रक्रिया बच्चों के रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों का मानना है कि कई बार बच्चों के परिजनों द्वारा इस प्रक्रिया में सहयोग न करने के कारण विलंब होता है। विभाग अब स्वयं लाभार्थियों से संपर्क कर नवीनीकरण प्रक्रिया को पूरा कराने का प्रयास कर रहा है, ताकि बच्चों को समय पर उनका हक मिल सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।

