
मेड़ता केंद्रीय विद्यालय में ई-वेस्ट जागरूकता प्रश्नोत्तरी, कक्षा 2 ने बाजी मारी
Posted on 29 अक्टूबर 2026
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के उचित प्रबंधन की समझ विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय विद्यालय मेड़ता सिटी में बुधवार को एक विशेष ई-वेस्ट जागरूकता प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। शिक्षा मंत्रालय एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्देशानुसार 'विशेष अभियान 6.0' के तहत यह महत्वपूर्ण गतिविधि प्रातःकालीन सभा में सम्पन्न हुई, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी जानकारी और त्वरित उत्तर देने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। रोचक सवालों के माध्यम से उनकी जानकारी परखी गई और उनमें गजब का उत्साह देखने को मिला। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद, कक्षा 2 ने विजेता स्थान हासिल किया। कक्षा 2 की छात्रा राधिका माहेश्वरी ने विशेष रूप से सराहनीय प्रदर्शन करते हुए, पूछे गए प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास और उत्साह के साथ दिए। उनकी सहभागिता को पूरे विद्यालय परिवार ने सराहा। इस गतिविधि से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई और उन्हें खेल-खेल में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सीखने का अवसर मिला।
ई-वेस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल
- ई-वेस्ट की पहचान कैसे करें? (जैसे पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर आदि)
- इसका पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है? (जैसे मिट्टी और जल प्रदूषण)
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जिम्मेदार उपयोग कैसे करें?
- ई-वेस्ट का पुनः उपयोग (Reuse) और पुनर्चक्रण (Recycling) क्यों महत्वपूर्ण है?
- इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सुरक्षित निपटान कैसे किया जाना चाहिए?
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य रामेश्वर लाल दवे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ई-वेस्ट प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, चार्जर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इन उपकरणों के अनुपयोगी होने पर उत्पन्न होने वाला इलेक्ट्रॉनिक कचरा पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसका उचित प्रबंधन नहीं किया जाए, तो इसमें मौजूद हानिकारक पदार्थ मिट्टी और जल को प्रदूषित कर सकते हैं, जिससे मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्राचार्य दवे ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में न फेंकें। इसके बजाय, उन्हें अलग से एकत्रित कर अधिकृत संग्रह केंद्रों तक पहुंचाने के महत्व को समझें। उन्होंने विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विवेकपूर्ण उपयोग करने, उनकी उपयोग अवधि बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि ई-वेस्ट का जिम्मेदार प्रबंधन केवल विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए घर और समाज में भी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थी अपने परिवार के सदस्यों को भी पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
'विशेष अभियान 6.0' के तहत आयोजित यह गतिविधि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इसका मुख्य संदेश यही रहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखना, पुनः उपयोग को बढ़ावा देना और सुरक्षित निपटान अपनाना ही एक स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक है। डेली ढंढोरा की टीम भी इस पहल की सराहना करती है और सभी नागरिकों से ई-वेस्ट के सही प्रबंधन में सहयोग की अपील करती है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


