
राजस्थान के सभी स्कूलों में अब अनिवार्य होंगी स्काउट-गाइड गतिविधियां: छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर
Posted on 24 अक्टूबर 2026
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नागौर, 24 अक्टूबर 2026: राजस्थान के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में अब स्काउट-गाइड गतिविधियां अनिवार्य रूप से संचालित की जाएंगी। राज्य सरकार और शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण निर्देश का उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, सेवा भावना, जिम्मेदारी तथा शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं चारित्रिक विकास को बढ़ावा देना है। हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, यह निर्णय प्रदेशभर की युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों ने सभी संस्था प्रधानों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें स्पष्ट किया गया है कि इन गतिविधियों को पाठ्यचर्या का अभिन्न अंग बनाया जाए और सभी छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
अनिवार्यता का उद्देश्य और लाभ
- सर्वांगीण विकास: स्काउट-गाइड गतिविधियां छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सजगता, बौद्धिक क्षमता और चारित्रिक गुणों को निखारती हैं। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क की भावना विकसित होती है।
- अनुशासन और जिम्मेदारी: नियमित गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में उच्च अनुशासन और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रवृत्ति जागृत होती है। वे समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हैं।
- सेवा भावना का संचार: इन कार्यक्रमों का मूल मंत्र 'सेवा' है। छात्र विभिन्न सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेकर दूसरों की मदद करना सीखते हैं, जिससे उनमें परोपकार और मानवीय मूल्यों का विकास होता है।
- व्यावहारिक प्रशिक्षण: छात्रों को प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, शिविर लगाने और दिशा ज्ञान जैसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक कौशल सिखाए जाते हैं, जो आपातकालीन स्थितियों में उनके लिए सहायक सिद्ध होते हैं।
शिक्षक प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय शिविर
इन अनिवार्य गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता को देखते हुए, शिक्षक प्रशिक्षुओं के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, हाल ही में एक 7 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र अध्यापिकाएं भाग ले रही हैं। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य भावी शिक्षकों को स्काउट-गाइड गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना और उन्हें इन कार्यक्रमों का सफल संचालन करने के लिए तैयार करना है।
शिविरों में छात्र अध्यापिकाओं को शारीरिक अभ्यास, समूह कार्य, नेतृत्व कौशल और विभिन्न सेवा परियोजनाओं में शामिल होने का अवसर मिलता है। विशेषज्ञों द्वारा उन्हें स्काउट-गाइड सिद्धांतों और नियमों का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। हमारी टीम का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर राज्य के विद्यालयों में इन गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।
पंचायती राज चुनावों में भूमिका
राज्य के शिक्षा विभाग ने यह भी बताया है कि आगामी पंचायती राज चुनावों जैसी महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में स्काउट-गाइड्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक मतदान बूथ पर 4-4 स्काउट-गाइड्स को तैनात किया जाएगा, जो मतदाताओं की सहायता करने और चुनाव प्रक्रिया को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह कदम छात्रों को नागरिक कर्तव्यों से जोड़ने और उन्हें समाज के प्रति जवाबदेह बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
समस्त शिक्षण संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे इन गतिविधियों को गंभीरता से लें और इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि राजस्थान का युवा वर्ग एक सशक्त, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बन सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


