
नागौर: 1135 करोड़ खर्च, फिर भी 1.04 लाख घरों में नल कनेक्शन बाकी
Posted on 26 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार... जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना जिले में धीमी गति से आगे बढ़ रही है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद, नागौर जिले में अभी भी लगभग 1.04 लाख घरों में नल कनेक्शन लगना बाकी है, जिससे बड़ी संख्या में लोग स्वच्छ पेयजल का इंतजार कर रहे हैं।
मिशन की वर्तमान स्थिति और लक्ष्य
जलदाय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नागौर जिले में कुल 3,05,772 घरों को नल से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें पुराने कनेक्शनों को भी शामिल किया गया है। अब तक, 2,01,584 घरों में ही नल कनेक्शन स्थापित किए जा सके हैं। इस प्रकार, कुल लक्ष्य का मात्र 65.93 प्रतिशत ही हासिल हो पाया है, जबकि 34.07 प्रतिशत घर यानी करीब 1.04 लाख घर अभी भी कनेक्शन से वंचित हैं।
वित्तीय आवंटन और व्यय
योजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 1,135.66 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। हालांकि, विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, अब तक इस मद में 424.08 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। यह वित्तीय प्रगति, लक्ष्य प्राप्ति की धीमी गति के बीच सवाल खड़े करती है।
समयसीमा का विस्तार और भविष्य की चुनौतियां
- जल जीवन मिशन की शुरुआत मूल रूप से 2024 तक ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन पहुंचाने के लक्ष्य के साथ 15 अगस्त 2019 को की गई थी।
- नागौर जिले में इस योजना का कार्य 2021 में प्रारंभ हुआ।
- निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा न होने के कारण, केंद्र सरकार ने मिशन की अवधि को बढ़ाकर दिसंबर 2028 तक कर दिया है।
- इसके अतिरिक्त, 2,23,656 नए कनेक्शन देने का एक अतिरिक्त लक्ष्य भी रखा गया था, जिसमें से 1,11,684 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जो नए लक्ष्य का लगभग 49.91 प्रतिशत है। शेष 1,11,972 नए कनेक्शन अभी बाकी हैं।
अधिकारियों का पक्ष
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता, पीएस तंवर ने बताया कि जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले जिले में 44,535 घरों में नल कनेक्शन थे। पुरानी पेयजल योजनाओं के तहत भी 37 हजार से अधिक कनेक्शन जुड़े हुए थे। इन सबको मिलाकर कुल लक्ष्य 3,05,772 घरों का रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि शेष घरों को नल कनेक्शन से जोड़ने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और विभाग निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रयासरत है। साथ ही, पेयजल आपूर्ति को नियमित और बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोगों को पानी की समस्या से जल्द निजात मिल सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


