
ग्रीनहाउस सब्सिडी घटी, किसानों को अब सिर्फ ₹1 लाख का अनुदान
Posted on 26 अक्टूबर 2026
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उद्यान विभाग की हाईवैल्यू वेजिटेबल स्कीम के तहत ग्रीनहाउस और शेडनेट हाउस के माध्यम से ऑफ-सीजन सब्जियों की संरक्षित खेती करने वाले किसानों को इस बार बड़ा झटका लगा है। विभाग ने योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि और इकाई साइज दोनों को आधा कर दिया है, जिससे नए किसानों के लिए शुरुआती लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
सब्सिडी और इकाई में कटौती, किसानों में निराशा
पहले इस योजना में इकाई साइज 4,000 वर्ग मीटर तय थी, जिस पर किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपए तक का अनुदान मिलता था। अब इसे घटाकर 2,000 वर्ग मीटर कर दिया गया है और अनुदान की अधिकतम राशि 1 लाख रुपए तय की गई है। इससे किसानों में गहरी निराशा है, खासकर जिन्होंने महंगे पॉलीहाउस और शेडनेट लगाने की योजना बनाई थी।
क्षेत्रफल और लाभार्थियों की संख्या में भी कमी
इतना ही नहीं, प्रदेश भर में जहां पहले 3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में 1,000 से अधिक किसानों को लाभ देने की योजना थी, वहीं अब लक्ष्य घटाकर महज 1 लाख वर्ग मीटर कर दिया गया है। हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिलेवार स्थिति देखें तो कई जगह 90 से अधिक पात्र किसान अनुदान की कतार में हैं, लेकिन सीमित आवंटन होने से केवल एक-दो किसानों को ही लाभ मिल पा रहा है। अनुदान 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर मिलेगा, जिससे कई किसान वंचित रह सकते हैं।
कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है असर
जानकारों का मानना है कि सब्सिडी में इस कटौती से नए किसानों का संरक्षित खेती की ओर रुझान कम होगा। इसका सीधा असर बाजार में ऑफ-सीजन सब्जियों की आवक और समग्र उत्पादन पर पड़ सकता है।
अनुदान टारगेट और आवंटन पर स्थिति स्पष्ट होगी
उद्यान विभाग के प्रदेश प्रभारी (हाईवैल्यू वेजिटेबल स्कीम), प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि अनुदान का टारगेट जारी कर दिया गया है। एक किसान को कितना अनुदान मिलेगा और जिलेवार आवंटन की क्या स्थिति रहेगी, यह सोमवार तक पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


