
नावां: सरकारी स्कूल की दीवारों का चुनावी इस्तेमाल, शिक्षा विभाग ने जारी की चेतावनी
Posted on 30 अक्टूबर 2026
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हमारे नावां संवाददाता के अनुसार, सरकारी शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा और संपत्ति के संरक्षण को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। नावां क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खारडिया में स्कूल की चारदीवारी पर सरपंच पद के प्रचार संबंधी पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा जगत में हलचल मच गई है।
सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर सख्त नियम
बीकानेर निदेशालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी सरकारी स्कूल की इमारत, चारदीवारी या परिसर का उपयोग निजी राजनीतिक गतिविधियों या चुनाव प्रचार के लिए करना राजस्थान सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। विद्यालय परिसर 'नो-पॉलिटिक्स जोन' के अंतर्गत आते हैं, जहाँ केवल शैक्षणिक और विभागीय गतिविधियों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए क्या हैं मायने?
यह घटना न केवल शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करती है, बल्कि विभाग की गाइडलाइंस का सीधा उल्लंघन है। वर्तमान में जो स्थितियां हैं, उसके अनुसार अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समितियों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- सीमित उपयोग: विद्यालय की संपत्ति का उपयोग केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है।
- विभागीय कार्रवाई: यदि किसी शिक्षण संस्थान में ऐसी सामग्री पाई जाती है, तो संस्था प्रधान को तत्काल इसे हटवाना अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
- सतर्कता: भविष्य में यदि जयपुर सचिवालय या निदेशालय स्तर से औचक निरीक्षण होता है, तो ऐसी अव्यवस्थाओं के लिए स्थानीय स्कूल प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
शिक्षा विभाग का संदेश
हमारा मानना है कि स्कूलों को राजनीति से मुक्त रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि आपके क्षेत्र के किसी भी सरकारी विद्यालय में इस प्रकार का उल्लंघन हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने निकटतम ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय को दें। शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षण संस्थानों की चारदीवारी पोस्टरबाजी के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए है।
हमारी टीम लगातार इस मामले पर नज़र बनाए हुए है और आगामी आदेशों की जानकारी के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


