
नागौर के स्कूलों में 1 से 15 नवंबर तक मनेगा जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा
Posted on 30 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत आगामी 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक पूरे जिले के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों, छात्रावासों तथा आवासीय शिक्षण संस्थानों में 'जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा' हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह आयोजन भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है।
छात्रों के लिए विशेष गतिविधियाँ
बीकानेर निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में, विद्यालय स्तर पर छात्रों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल हैं:
- कला एवं रचनात्मकता: 'मेरा कबीला, मेरी विरासत' थीम पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिताएं।
- लेखन प्रतियोगिता: जनजातीय गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और आदिवासी जीवनशैली पर निबंध व आलेख लेखन।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: लोकनृत्य, लोकगीत और सामाजिक मुद्दों पर आधारित नुक्कड़ नाटक।
- बौद्धिक स्पर्धा: 'अपनी जनजाति को जानें, अपनी विरासत को जानें' विषय पर आधारित प्रश्नोत्तरी और नारा लेखन।
क्या है मुख्य उद्देश्य?
इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदाय के बलिदान और उनके संघर्षों से अवगत कराना है। इसके माध्यम से छात्र आदिवासी भारत की समृद्ध संस्कृति, कला, प्रकृति संरक्षण की परंपराओं और महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा ले सकेंगे।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए सूचना
विद्यालय प्रबंधन समितियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करें। इस दौरान आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगिताएं स्कूल समय के दौरान ही संपन्न होंगी। यह आयोजन छात्रों में राष्ट्रप्रेम और अपनी जड़ों से जुड़ाव पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगामी दिनों में स्कूल स्तर पर इन कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना स्थानीय स्तर पर जारी कर दी जाएगी।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


