
राजस्थान शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: आधार कार्ड के बिना भी सरकारी स्कूल में मिलेगा प्रवेश
Posted on 23 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण राहत भरा निर्णय लिया है। अब सरकारी विद्यालयों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा जारी आदेश के बाद अब किसी भी बच्चे को आधार कार्ड न होने की स्थिति में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।
क्या है शिक्षा विभाग का नया आदेश?
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने प्रदेश के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिक्षा (ग्रुप-5) विभाग के 9 अक्टूबर 2026 के पत्र की पालना सुनिश्चित की जाए। इस आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- प्रवेश पर रोक नहीं: आधार कार्ड का अभाव विद्यालय में प्रवेश से इनकार करने का आधार नहीं माना जाएगा।
- दस्तावेजी राहत: उन बच्चों को विशेष राहत मिलेगी जिनके पास अभी तक आधार कार्ड नहीं है या जिनका नामांकन प्रक्रियाधीन है।
- एकरूपता: प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए यह नियम लागू किया गया है।
- शिक्षा का अधिकार: किसी भी बच्चे की शिक्षा दस्तावेजों की कमी के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए, इसे सुनिश्चित करने का जिम्मा संबंधित संस्था प्रधानों का होगा।
अभिभावकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड के तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की त्रुटियों के चलते बच्चों के स्कूल दाखिले में परेशानी आती थी। शिक्षा विभाग के इस निर्देश के बाद अब अभिभावक बिना किसी तनाव के अपने बच्चे का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा सकेंगे। यह निर्णय राज्य में 'शिक्षा की मुख्यधारा' से अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ने और नामांकन दर को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
शिक्षक संगठनों ने किया स्वागत
शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न संगठनों ने भी इस निर्णय की सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे किसी प्रशासनिक प्रक्रिया या पहचान पत्र के अभाव में रोकना न्यायसंगत नहीं था। निदेशालय के इस निर्देश से अब राज्य के सभी पीईईओ (PEEO) और यूसीईईओ (UCEEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी विद्यार्थी को परेशान न करें।
उम्मीद है कि इस फैसले से सरकारी स्कूलों में नामांकन में और अधिक वृद्धि दर्ज की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में प्रवेश देने से मना किया जाता है, तो अभिभावक संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


