
नागौर: घुटनों तक पानी में डूब रहे स्कूली बच्चे, विकास की राह तकते ग्रामीण
Posted on 28 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, नगर परिषद में शामिल होने के बावजूद वार्ड नंबर 3 के सोनवा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। परिसीमन के बाद इस वार्ड को नगर परिषद में शामिल किया गया था, लेकिन उम्मीदों के विपरीत, यहाँ के रास्ते आज भी तालाब बने हुए हैं।
स्कूली बच्चों की दुर्दशा
सबसे चिंताजनक स्थिति स्कूली बच्चों की है, जिन्हें प्रतिदिन अपने घरों से स्कूल जाने और वापस आने के लिए घुटनों तक भरे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। राम मंदिर से तेजाजी होते हुए बालाजी मंदिर तक जाने वाले रास्ते की हालत बेहद खराब है। यह जलजमाव न केवल आवागमन को बाधित कर रहा है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। स्थानीय निवासी सीताराम बाबा ने बताया कि बच्चों को इस कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए हर दिन की एक बड़ी चुनौती बन गया है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड में नालियों और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। इसी कारण अहीरों के मोहल्ले सहित कई रास्तों पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। सेकेंडरी स्कूल से जाटों की झोपड़ियों की ओर जाने वाला मार्ग भी जलभराव से अछूता नहीं है। इस कारण राहगीर फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। दुपहिया वाहन भी कीचड़ में फंसने से खासे परेशान हैं।
बीमारियों और खतरों का साया
स्थायी जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का भी भय सता रहा है। स्थानीय निवासी ईश्वर ने बताया कि मंदिर या स्कूल ही नहीं, खेतों में जाने के लिए भी कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है।
प्रशासन को गुहार
ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ है। कई बार तो शिकायत के बाद कोई भी संबंधित कर्मचारी मौके का मुआयना करने तक नहीं पहुंचा। रामचंद्र जैसे स्थानीय लोगों ने खुद के खर्च से रास्तों में मिट्टी डलवाकर कुछ हद तक राहत देने का प्रयास किया, लेकिन नालियों के अभाव में यह व्यवस्था भी कारगर साबित नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द रास्तों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए और उन्हें मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर राहत दी जाए।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


