
राजस्थान आयुर्वेद कॉलेजों में परीक्षा देरी अब पड़ेगी भारी, एनसीआईएसएम ने दी मान्यता रद्द करने की चेतावनी
Posted on 23 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) ने आयुर्वेद, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के लिए एक कड़ा दिशा-निर्देश जारी किया है। अब इन कॉलेजों में परीक्षाओं के संचालन और परिणाम जारी करने में होने वाली देरी सीधे तौर पर संस्थान की मान्यता पर संकट खड़ा कर सकती है।
लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
आयोग के बोर्ड ऑफ आयुर्वेद अध्यक्ष द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत, अब किसी भी संस्थान को शैक्षणिक गतिविधियों में ढिलाई बरतने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करता है या परिणाम घोषित करने में देरी करता है, तो एनसीआईएसएम उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेगा। मानकों का पालन न होने पर संस्थान की चिकित्सा योग्यता की मान्यता तक वापस ली जा सकती है।
छात्रों के भविष्य के लिए अहम निर्णय
परीक्षालों में देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। इस संदर्भ में प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शैक्षणिक कैलेंडर का पालन: सभी संस्थानों को एमएसई-2022 रेगुलेशंस और निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
- वेबसाइट पर पारदर्शिता: विश्वविद्यालयों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शैक्षणिक कैलेंडर और जरूरी सूचनाएं अपडेट रखनी होंगी।
- औचक निरीक्षण: मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड कभी भी बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण कर मानकों का मूल्यांकन कर सकता है।
- जवाबदेही: यदि छात्रों को परीक्षाओं में देरी के कारण असुविधा होती है, तो संबंधित विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इसके लिए पूर्णतः जिम्मेदार माना जाएगा।
इंटर्नशिप और पीजी परीक्षाओं पर सीधा असर
देशभर में आयुर्वेद, यूनानी और सिद्धा के करीब 700 से अधिक कॉलेज हैं जिनमें दो लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पूर्व में शैक्षणिक कैलेंडर की अनदेखी के कारण छात्रों की इंटर्नशिप, हाउस जॉब और पीजी प्रवेश परीक्षाओं में भारी देरी होती रही है। अब एनसीआईएसएम का यह कदम चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में एकरूपता लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
उम्मीद की जा रही है कि जयपुर सचिवालय और संबंधित विभागों के निर्देशानुसार अब राजस्थान के समस्त आयुर्वेद चिकित्सा संस्थानों में शैक्षणिक सत्र पटरी पर आ जाएगा और छात्रों को समय पर डिग्री प्राप्त हो सकेगी।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


