
नागौर में आरटीओ चालान फ्रॉड: साइबर सेल ने बचाए 43,546 रुपए
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर से सक्रिय होकर आम नागरिकों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस बार ठगों ने आरटीओ चालान के नाम पर लोगों को भ्रमित कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। हालांकि, नागौर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर फ्रॉड रिस्पांस सेल की मुस्तैदी से एक बड़ी ठगी को नाकाम कर दिया गया है। एक ताजा मामले में, साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से 43,546 रुपए उड़ा लिए थे, जिसे हमारी टीम ने सफलतापूर्वक वापस दिलवाया है।
क्या था मामला?
यह घटना रोल थाना क्षेत्र के निवासी सुशील वैष्णव के साथ घटित हुई। अज्ञात साइबर फ्रॉडस्टर ने उनके मोबाइल फोन पर आरटीओ चालान से संबंधित एक फर्जी एपीके (APK) फाइल का लिंक भेजा। अक्सर लोग ऐसे संदेशों को सरकारी मानते हुए उन पर भरोसा कर लेते हैं, और यही ठगों का मुख्य हथियार होता है।
- फर्जी लिंक: पीड़ित को एक अज्ञात नंबर से आरटीओ चालान के नाम पर एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ।
- एपीके फाइल डाउनलोड: जैसे ही सुशील वैष्णव ने उस फाइल को डाउनलोड किया, उनका मोबाइल फोन तुरंत हैक हो गया। यह एक आम साइबर ठगी का तरीका है जहां मालिशियस सॉफ्टवेयर डिवाइस पर नियंत्रण कर लेता है।
- क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी: मोबाइल हैक होने के बाद, ठगों ने पीड़ित के एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर कुल 43,546 रुपए का ऑनलाइन लेन-देन कर लिया। यह रकम उनके खाते से साफ कर दी गई।
पीड़ित की त्वरित कार्रवाई और साइबर सेल का रेस्क्यू ऑपरेशन
धोखाधड़ी का अहसास होते ही, पीड़ित सुशील वैष्णव ने बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, क्योंकि साइबर ठगी के मामलों में समय रहते शिकायत दर्ज कराना ही रकम वापसी की संभावना को बढ़ाता है।
हमारी पुलिस अधीक्षक राम चौधरी के निर्देशन में काम कर रही नागौर की साइबर फ्रॉड रिस्पांस सेल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। हमारी टीम ने बिना किसी विलंब के संबंधित बैंक और पेमेंट गेटवे के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधा। साइबर सेल की विशेषज्ञ टीम ने तुरंत ऑनलाइन ऑर्डर को रद्द करवाते हुए ठगी गई पूरी 43,546 रुपए की राशि को सुरक्षित रूप से पीड़ित के खाते में वापस जमा करवा दिया। यह साइबर सेल की दक्षता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
नागरिकों से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
जिला पुलिस ने एक बार फिर सभी नागरिकों से साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
- अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान स्रोत से प्राप्त लिंक, विशेषकर एपीके फाइलों को डाउनलोड न करें।
- संदेशों की सत्यता जांचें: यदि आपको किसी सरकारी विभाग, बैंक या अन्य प्रतिष्ठित संस्था से संबंधित कोई संदेश मिलता है, तो हमेशा उसकी सत्यता की जांच आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर ही करें।
- व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: फोन कॉल, ईमेल या मैसेज के जरिए किसी को भी अपनी बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी, पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी न दें।
- तुरंत शिकायत दर्ज कराएं: यदि आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नागौर साइबर सेल के नंबर 8764850084 पर शिकायत दर्ज करवाएं। आपकी त्वरित कार्रवाई ही आपकी मदद कर सकती है।
नागौर पुलिस और हमारी साइबर सेल टीम नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार रहती है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।