
मेड़ता के स्कूल में छात्रों को मिली सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी: बाल अपराधों से बचाव पर जोर
Posted on 26 अक्टूबर 2026
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को अपने अधिकारों और समाज में व्याप्त बुराइयों के प्रति जागरूक करना भी अत्यंत आवश्यक है। इसी कड़ी में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, मेड़ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बिखरनियाकलां स्थित श्री पीएस भाटी उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक महत्वपूर्ण जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल संरक्षण, साइबर अपराधों से बचाव, नशामुक्ति, बाल विवाह जैसी कुरीतियों और बाल श्रम को रोकने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे एक सुरक्षित और जागरूक भविष्य का निर्माण कर सकें।
छात्रों को बताया 'अच्छा स्पर्श' और 'बुरा स्पर्श'
शिविर में उपस्थित अधिकार मित्र श्री जुगल सिंह सोलंकी ने विद्यार्थियों को 'अच्छे स्पर्श' और 'बुरे स्पर्श' के बीच के अंतर को बेहद संवेदनशीलता से समझाया। उन्होंने बच्चों को यह महत्वपूर्ण सीख दी कि किसी भी प्रकार के गलत स्पर्श या अनुचित व्यवहार का अनुभव होने पर उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। इसके बजाय, तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी भी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी सूचना देनी चाहिए। यह जानकारी बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सशक्त करती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम-2012 के प्रावधानों और बाल हेल्पलाइन नंबर 1098 के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया, जो संकट के समय बच्चों के लिए एक जीवनरेखा साबित हो सकता है।
साइबर अपराध और नशे से बचाव पर विशेष जोर
आज के डिजिटल युग में, साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बन गई है। शिविर में छात्रों को इस तरह के अपराधों से बचने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी गई। उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) या अन्य व्यक्तिगत जानकारी जैसे पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। इन सावधानियों से वे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकते हैं। हमारी टीम का मानना है कि ऐसे मार्गदर्शन छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने में मदद करते हैं।
- अज्ञात लिंक से बचें: अज्ञात स्रोतों से प्राप्त लिंक पर क्लिक न करें।
- ओटीपी/पासवर्ड साझा न करें: अपनी निजी जानकारी, विशेषकर ओटीपी और पासवर्ड, किसी से भी साझा न करें।
- नशे के दुष्परिणाम: नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में बताया गया।
- सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं: बाल विवाह और बाल श्रम जैसी बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने और इन्हें रोकने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता
जागरूकता शिविर में केवल व्यक्तिगत सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों पर भी गहन चर्चा हुई। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया, जिससे वे इस सामाजिक बुराई से दूर रह सकें और अपने साथियों को भी इससे बचने के लिए प्रेरित कर सकें। इसके साथ ही, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने और इनके उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। यह हमारी भावी पीढ़ी को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर विद्यालय निदेशक श्री भवानी सिंह भाटी, प्रधानाचार्य श्री रामरतन सहित समस्त स्टाफ सदस्य, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और स्थानीय युवा उपस्थित रहे। यह पहल दर्शाती है कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए कार्य करना होगा। हमारी टीम मानती है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाते हैं, जिससे वे एक बेहतर और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


