
स्कूलों में स्वच्छता का पाठ: कचरा प्रबंधन पर जोर, बनेंगे जागरूक नागरिक
Posted on 1 नवंबर 2026
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नागौर। प्रदेश भर के स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, धौलपुर के महर्षि विद्या मंदिर में नगर परिषद और स्वायत्त शासन विभाग की आईईसी टीम ने मिलकर एक महत्वपूर्ण स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व को समझाना और उन्हें स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के लक्ष्यों से जोड़ना था।
कचरा पृथक्करण पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान, नगर परिषद के प्रतिनिधि प्रकाश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को विस्तार से बताया कि कैसे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके हम न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने घर और स्कूल में इस व्यवस्था को अपनाने की अपील की, साथ ही नगर परिषद द्वारा स्थापित कचरा संग्रहण व्यवस्था का समुचित उपयोग करने की सलाह दी।
स्वच्छता की शपथ और नागरिक कर्तव्य
इस अवसर पर, वार्ड पार्षद आनंद मिश्रा ने विद्यार्थियों और उपस्थित अन्य लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सफाई केवल सफाई कर्मचारियों का ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। एक स्वच्छ समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम के अंतर्गत, वार्ड में एक झाड़ू अभियान भी चलाया गया, जिसके माध्यम से स्थानीय निवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया और 'हरित दीपावली' मनाने का संदेश दिया गया, ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।
आगे की कार्रवाई
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग इस तरह के कार्यक्रमों को पूरे प्रदेश में प्रोत्साहित कर रहा है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों में स्वच्छता की आदतें विकसित करेगी, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करेगी। आने वाले समय में स्कूलों में पर्यावरण और स्वच्छता से संबंधित और भी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना होगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


