
वेतन अटका, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी सड़क पर: कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Posted on 22 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार...
राज्य भर में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आवाजें उठाई जा रही हैं। इसी क्रम में, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े अस्पतालों के अधिकारियों और कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन और एरियर का भुगतान न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के विरोध में, गुरुवार को कर्मचारियों ने दो घंटे की गेट मीटिंग कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और तत्काल भुगतान की मांग की।
कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर से मिला और मुख्यमंत्री तथा राजस्थान के चिकित्सा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लंबित वेतन और एरियर के भुगतान में हो रही देरी के समाधान की तत्काल मांग की गई है।
वेतन न मिलने से बढ़ी आर्थिक परेशानी
एक कर्मचारी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, "हमारा वेतन हमारे परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने का मुख्य आधार है। दो महीने से वेतन न मिलने के कारण, घर का खर्च चलाना, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक भुगतानों को पूरा करना अत्यंत कठिन हो गया है।" एरियर का भुगतान भी रुका होने से कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने मांग की है कि बकाया वेतन और लंबित एरियर का भुगतान शीघ्र अति शीघ्र जारी किया जाए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन में सेवारत राजकीय चिकित्सक संगठन, नर्सेज संगठन, फार्मासिस्ट संगठन, लैब टेक्नीशियन संगठन, रेडियोग्राफर संगठन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन सहित कई प्रमुख कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने एकजुट होकर भाग लिया। सभी ने वेतन और एरियर के शीघ्र भुगतान की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान अपनी गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कर रहे हैं, ताकि मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को इस आर्थिक अनिश्चितता से जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


