
नागौर: स्कूल में दो माह से खराब हैंडपंप, ग्रामीणों को गहरा जल संकट
Posted on 22 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के अल्लापुर ग्राम पंचायत के बेरना गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप पिछले लगभग दो माह से खराब पड़ा है। इस महत्वपूर्ण पेयजल स्रोत की मरम्मत न होने से आसपास के करीब 50 परिवारों के ग्रामीणों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से हैंडपंप को दुरुस्त करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। यह हैंडपंप न केवल विद्यालय के बच्चों के लिए बल्कि आसपास के कई घरों के लिए पेयजल का मुख्य साधन है। हैंडपंप खराब होने के बाद से इन परिवारों को पानी के लिए दूर-दराज के अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है।
जल संकट से जूझते ग्रामीण और स्कूली बच्चे
- दैनिक जीवन पर प्रभाव: ग्रामीणों को प्रतिदिन कई किलोमीटर चलकर पानी लाना पड़ रहा है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी हो रही है। खासकर महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
- विद्यालय में दिक्कतें: प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को पीने के पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है या घर से पानी लाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने में भी परेशानी आ रही है।
- बिजली कटौती से बढ़ी मुश्किलें: ग्रामीणों के अनुसार, समस्या तब और विकट हो जाती है जब गांव में बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। बिजली नहीं रहने पर अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों से भी पानी की व्यवस्था बाधित हो जाती है, और ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
प्रशासनिक उदासीनता और ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश
ग्रामवासियों ने बताया कि उन्होंने स्थानीय सरपंच, वार्ड पंच और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारियों से कई बार इस समस्या को हल करने का आग्रह किया है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हैंडपंप को ठीक नहीं किया गया, तो वे सभी मिलकर जलदाय विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे और धरना देंगे।
हमारी टीम ने इस संबंध में स्थानीय PHED अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। यह मामला दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी लेकिन महत्वपूर्ण सुविधा की कमी से पूरी ग्रामीण आबादी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और हैंडपंप की मरम्मत सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण और स्कूली बच्चे स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहें। DailyDhandora इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा करता है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


