
सावधान! पेंशन और सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी, नागौर के नागरिकों के लिए एडवाइजरी
Posted on 28 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में साइबर ठगों द्वारा पेंशन खाता अपडेट करने और सरकारी दस्तावेजों में सुधार के नाम पर आम जनता को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में जयपुर के कई इलाकों में हुई 3.79 लाख रुपये की ठगी के बाद नागौर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने आम नागरिकों, विशेषकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
ठगों का नया 'मॉडस ऑपरेंडी'
साइबर अपराधी अब सीधे तौर पर फोन कॉल का सहारा ले रहे हैं। वे खुद को सरकारी कार्यालय का अधिकारी बताकर पेंशनभोगियों को डराते हैं कि उनका अकाउंट 'अनवेरिफाइड' है और तुरंत अपडेट न होने पर पेंशन रुक जाएगी। ठग अपना शिकार बनाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर रहे हैं:
- दस्तावेज अपडेट का बहाना: आधार और पैन कार्ड को पेंशन डेटा से लिंक करने का झांसा देना।
- रिमोट एक्सेस ऐप: किसी थर्ड-पार्टी ऐप (जैसे AnyDesk या TeamViewer) को डाउनलोड करवाकर मोबाइल का कंट्रोल लेना।
- ओटीपी का लालच: वेरिफिकेशन के नाम पर बैंक ओटीपी साझा करने के लिए मजबूर करना।
शिक्षा विभाग के कार्मिकों के लिए विशेष अलर्ट
शिक्षा विभाग से जुड़े सेवानिवृत्त शिक्षकों और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाली कॉल पर अपने सेवा संबंधी दस्तावेज साझा न करें। बीकानेर निदेशालय (Bikaner Nideshalaya) या जयपुर सचिवालय (Jaipur Sachivalaya) कभी भी व्यक्तिगत फोन कॉल के माध्यम से बैंक खाते का ओटीपी या पिन नहीं मांगते हैं।
बचाव के लिए क्या करें?
- किसी भी अज्ञात ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल न करें।
- सरकारी काम के लिए हमेशा संबंधित विभाग के आधिकारिक कार्यालय या 'शाला दर्पण' पोर्टल के माध्यम से ही सूचनाएं प्राप्त करें।
- यदि कोई कॉल संदिग्ध लगे, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
नागौर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेंशन संबंधी कोई भी अपडेट केवल बैंक की अधिकृत शाखा में जाकर ही व्यक्तिगत रूप से करवाएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा करना आपके खाते को खाली कर सकता है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


