
नागौर: स्कूली बच्चों ने निभाई पारंपरिक कन्या भोज की रस्म
Posted on 23 अक्टूबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, रिया बड़ी स्थित जसोल माजीसा मंदिर में आज एक अनूठा धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। स्थानीय स्कूली बच्चों ने अपनी धार्मिक आस्था और सेवा भाव का परिचय देते हुए कन्या भोज का आयोजन किया। इस पुनीत कार्य से मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के माहौल में सराबोर रहा।
धार्मिक परंपराओं का निर्वहन
जसोल माजीसा मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने देवी स्वरूप कन्याओं को आदर सत्कार के साथ भोजन कराया। भारतीय संस्कृति में कन्या पूजन और कन्या भोज को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो देवी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम है। ऐसे आयोजन न केवल बच्चों में धार्मिक संस्कारों का बीजारोपण करते हैं, बल्कि उनमें सेवा और परोपकार की भावना को भी जागृत करते हैं।
सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का वार्षिक परंपरा के रूप में निर्वहन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना और क्षेत्र की गौरवशाली सामाजिक-धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना है। इस वर्ष भी कन्या भोज के उपरांत सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रतिभोज का विशेष प्रबंध किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।
सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा
इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि किस प्रकार धार्मिक आस्थाएं समाज में आपसी सहयोग, सेवा और सद्भाव को सुदृढ़ करती हैं। बच्चों की सहभागिता ने इस कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: जसोल माजीसा मंदिर, रिया बड़ी, नागौर
- आयोजन: स्कूली बच्चों द्वारा कन्या भोज
- उद्देश्य: धार्मिक संस्कार, सेवा भाव और परंपरा निर्वहन
- विशेषता: प्रतिभोज का आयोजन
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


