
नागौर में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, रानी लक्ष्मीबाई केंद्र की पहल
Posted on 3 नवंबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में छात्राओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण केंद्र, राज्य महिला नीति-2021 और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में संचालित हो रही है।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण का महत्व
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय की छात्राओं को विभिन्न प्रकार की आत्मरक्षा तकनीकों से अवगत कराना है, ताकि वे किसी भी अप्रिय परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रह सकें। प्रशिक्षकों द्वारा योग और कराटे जैसी विधाओं का समावेश किया गया है, जो न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आत्म-नियंत्रण और आत्मविश्वास में भी वृद्धि करते हैं।
शिविर की गतिविधियाँ
- कराटे प्रशिक्षण: छात्राओं को बुनियादी कराटे मूव्स सिखाए जा रहे हैं, जिनमें ब्लॉक, किक और पंच शामिल हैं।
- योग सत्र: शारीरिक लचीलापन, मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग अभ्यास कराया जा रहा है।
- व्यावहारिक प्रदर्शन: प्रशिक्षकों द्वारा आत्मरक्षा की व्यावहारिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिनका छात्राएं अभ्यास कर रही हैं।
- सुरक्षा टिप्स: छात्राओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक टिप्स और सलाह भी दी जा रही है।
छात्राओं की प्रतिक्रिया
इस प्रशिक्षण को लेकर छात्राओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वे इस अवसर को अपने लिए एक सुनहरा मौका मान रही हैं, जिससे वे न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगी, बल्कि उनका व्यक्तित्व भी निखरेगा। कई छात्राओं ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण की कमी उन्हें हमेशा महसूस होती थी, और अब वे आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं।
आगे की योजना
आयोजकों ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक शुरुआत है। भविष्य में ऐसी और भी पहलें की जाएंगी, ताकि प्रदेश की अधिक से अधिक युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा सकें। इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


