
राजस्थान में त्योहारी सीजन बम्पर, 50 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद
Posted on 26 अक्टूबर 2026
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तीन साल बाद दिवाली महीने की शुरुआत में आने से इस बार राजस्थान में त्योहारी कारोबार 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल के 38-40 हजार करोड़ रुपए के मुकाबले इस बार 25% की वृद्धि संभव है। 8 नवंबर को दिवाली होने के कारण, महीने की शुरुआत में वेतन और बोनस मिलने से लोगों के पास खरीदारी के लिए अधिक धन उपलब्ध होगा, जिसे अर्थशास्त्र में 'फ्रंट-लोडेड लिक्विडिटी' कहा जाता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, महीने के अंत में दिवाली होने पर वेतन का एक बड़ा हिस्सा नियमित खर्चों में चला जाता है। इस बार वेतन-बोनस का समय पर मिलना वाहन, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और घरेलू सामान की खरीदारी को बढ़ावा दे सकता है। सितंबर 2025 से लागू जीएसटी कटौती का लाभ भी मिलेगा, जिसमें छोटी कारों, मोटरसाइकिलों, एसी और टीवी जैसे उत्पादों पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो गया था।
त्योहारी सीजन में जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि
पिछले वर्षों में, त्योहारी सीजन के आसपास राजस्थान के जीएसटी कलेक्शन में सामान्य महीनों की तुलना में 5.3% से 19.6% तक की वृद्धि देखी गई है। नवंबर 2023 में, जीएसटी कलेक्शन 4,682 करोड़ रुपए था, जो पिछले तीन महीनों के औसत 3,914 करोड़ रुपए से 19.6% अधिक था। अक्टूबर 2022 और 2024 में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई थी।
सेक्टरवार कारोबार का अनुमान
कैट (Confederation of All India Traders) के अनुमानों के अनुसार, फेस्टिव कारोबार में किराना और एफएमसीजी उत्पादों की हिस्सेदारी सबसे अधिक (12%) है। इसके बाद ज्वैलरी (10%) और इलेक्ट्रॉनिक्स-इलेक्ट्रिकल्स (8%) का स्थान आता है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़े और गिफ्ट आइटम्स की 7-7% हिस्सेदारी रहने की उम्मीद है। धनतेरस पर वाहन और आभूषणों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जबकि दिवाली से पहले कपड़े, मिठाई, सजावटी सामान और उपहारों की मांग में वृद्धि देखी जा सकती है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञ धीरज विजयवर्गीय के अनुसार, महीने की शुरुआत में दिवाली होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के पास खरीदारी के लिए अधिक पैसा उपलब्ध होगा। वेतन और बोनस एक साथ मिलने से दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही और बड़ी खरीदारी में वृद्धि हो सकती है। ऑनलाइन डिस्काउंट के बावजूद, ग्राहक उत्पाद को देखकर खरीदना और तत्काल डिलीवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे ज्वैलरी, ऑटोमोबाइल और घरेलू उपकरणों के कारोबार में 25% तक की ग्रोथ संभव है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


