
परबतसर: पीपलाद के स्कूलों में शिक्षकों की कमी, छात्रों का भविष्य अधर में
Posted on 25 अक्टूबर 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे **परबतसर** संवाददाता के अनुसार, परबतसर उपखंड मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित पीपलाद ग्राम पंचायत इन दिनों मूलभूत सुविधाओं के गंभीर अभाव से जूझ रही है। यह स्थिति तब है, जब यह गांव मुख्य सड़क पर स्थित है। हमारी टीम ने पाया कि यहां के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे अभिभावकों में गहरी चिंता का माहौल है।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
पीपलाद के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण लगातार इस समस्या को उजागर कर रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अंधकारमय होता दिख रहा है। शिक्षा निदेशालय बीकानेर और जयपुर सचिवालय को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। हम जानते हैं कि शिक्षा ही किसी भी समाज की उन्नति का आधार होती है, और शिक्षकों की कमी सीधे तौर पर इस आधार को कमजोर कर रही है। ग्रामीण अभिभावकों का कहना है कि जब तक पर्याप्त शिक्षक नियुक्त नहीं किए जाते, उनके बच्चों की पढ़ाई का स्तर गिरता रहेगा। हमारी टीम ने यह भी पाया कि कई स्कूल भवनों की स्थिति जर्जर है, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से छात्रों और शिक्षकों दोनों को परेशानी हो रही है। यह स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और शिक्षा विभाग को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
चिकित्सा और राजस्व सुविधाओं का अभाव
शिक्षा के साथ-साथ, पीपलाद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद, वहां नियमित डॉक्टर की नियुक्ति नहीं है। आपात स्थिति में या तबीयत खराब होने पर ग्रामीणों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों का अपव्यय होता है। ग्रामीणों की मांग है कि स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की जाए।
इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत में पटवारी की नियमित उपस्थिति नहीं होने से किसानों और आमजन को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। जमीन से जुड़े कार्य, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कामों के लिए ग्रामीणों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह प्रशासनिक अनदेखी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है।
जर्जर भवन और आधारभूत सुविधाओं की अनदेखी
पीपलाद में सरकारी भवनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। हमारी जांच में सामने आया कि कई भवन जर्जर अवस्था में हैं और उनकी मरम्मत की सख्त आवश्यकता है। समय पर रखरखाव नहीं होने से इन भवनों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से भवनों का निरीक्षण करवाकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है।
गांव में बिजली की सुविधा होने के बावजूद रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत की ओर से गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें नहीं लगवाई गई हैं, जिसके कारण रात होते ही गांव के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। अंधेरे में आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है, और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने प्रमुख रास्तों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर तत्काल स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की है ताकि रात में लोगों को राहत मिल सके। हमारी टीम इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी, जब तक पीपलाद के ग्रामीणों को उनका हक नहीं मिल जाता।
ग्रामीणों की मांग और हमारी अपील
पीपलाद के ग्रामीण सभी संबंधित विभागों से जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करने की अपील कर रहे हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व कार्य, सड़क और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी उपखंड मुख्यालय के इतने नजदीक होने के बावजूद ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। DailyDhandora की टीम प्रशासन से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और ठोस कदम उठाने का आग्रह करती है ताकि पीपलाद के निवासियों को भी सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिल सके।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


