
अजमेर पंचायत चुनाव परिणाम: 139 ग्राम पंचायतों में सरपंचों का फैसला, मतदान में शिक्षा विभाग की रही अहम भूमिका
Posted on 31 अक्टूबर 2026
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अजमेर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत सरपंच और पंच उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला देर रात घोषित कर दिया गया है। 31 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुए इस चुनाव प्रक्रिया में जिले की 139 ग्राम पंचायतों में भारी उत्साह देखा गया। इस चुनावी दंगल में कुल 980 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिनके राजनीतिक भविष्य का फैसला अब जनता ने कर दिया है।
रिकॉर्ड तोड़ मतदान और प्रशासनिक सक्रियता
अजमेर जिले में लोकतंत्र का यह उत्सव काफी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में कुल 81.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय द्वारा जारी निर्देशों के तहत बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई थी। अधिकांश सरकारी विद्यालयों को मतदान केंद्र बनाया गया था, जहाँ शिक्षकों ने पीआरओ और पीओ-1 के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
इन पंचायत समितियों के आए नतीजे
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति की ग्राम पंचायत नांद को छोड़कर शेष सभी 25 पंचायतों के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा सिलोरा, अरांई, भिनाय और बडल्या पंचायत समिति की सभी ग्राम पंचायतों में विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी गई है।
- अरांई पंचायत समिति: यहाँ कई नए चेहरों ने जीत दर्ज कर अनुभवी दिग्गजों को चौंका दिया है।
- भिनाय और बडल्या: यहाँ के मतदान केंद्रों पर देर रात तक मतगणना का दौर चलता रहा।
- सिलोरा: विकास के मुद्दों पर यहाँ जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है।
शिक्षा विभाग और कार्मिकों पर प्रभाव
पंचायत चुनाव के इन नतीजों का सीधा असर स्थानीय विकास योजनाओं पर पड़ेगा। चूंकि वर्तमान में विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में चुनाव ड्यूटी से मुक्त होने के बाद अब शिक्षक पुनः अपने शिक्षण कार्यों में लौटेंगे। आरपीएससी (RPSC) अजमेर मुख्यालय के पास स्थित इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव के कारण कुछ प्रशासनिक कार्यों में आ रही धीमी गति अब सामान्य होने की उम्मीद है।
क्या होगा अब आगे?
नवनिर्वाचित सरपंच और पंच अब शपथ ग्रहण के बाद अपनी संबंधित ग्राम पंचायतों का कार्यभार संभालेंगे। शिक्षा विभाग के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि स्कूलों की प्रबंधन समितियों (SMC) में अब इन नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका अहम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता मिशन और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए अब नई पंचायतें उत्तरदायी होंगी।
निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए क्षेत्र के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है। कल हुई वोटिंग के बाद अब जीत के जश्न के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


