
राजस्थान के स्कूलों में बच्चों को मिले कानूनी अधिकार ज्ञान
Posted on 27 अक्टूबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षित स्कूल परिवेश और बाल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करना था।
कानूनी अधिकारों पर विस्तृत जानकारी
शिविरों के दौरान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण और पैनल अधिवक्ताओं ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से निःशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार है। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में उपलब्ध कराई जाने वाली आवश्यक सुविधाओं जैसे सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, कार्यात्मक शौचालय और पर्याप्त खेल मैदानों के महत्व पर भी जोर दिया गया।
बाल संरक्षण और शिकायत निवारण
बच्चों के अधिकारों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझाया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न योजनाओं और मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे किसी भी प्रकार की असुरक्षा, शोषण या अपने अधिकारों के हनन के मामलों में चुप न रहें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में या सहायता की आवश्यकता होने पर, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करने के निर्देश दिए गए।
जागरूकता से सशक्तिकरण
इन विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन प्रदेश भर के स्कूलों में किया गया, जिससे विद्यार्थियों में अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति चेतना जागृत हो सके। यह पहल सुनिश्चित करती है कि छात्र न केवल अकादमिक रूप से, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी सशक्त बनें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


