
राजस्थान शिक्षा विभाग: दीपावली से पहले 2500 व्यावसायिक शिक्षकों के सामने गहराया आर्थिक संकट
Posted on 30 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे करीब 2500 व्यावसायिक शिक्षकों के लिए यह दीपावली खुशियों के बजाय चिंता का सबब बन गई है। प्रदेश के शिक्षा महकमे में इन शिक्षकों का मानदेय अटका होने और टेंडर अवधि समाप्त होने के कारण रोजगार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
भुगतान का लंबा इंतजार और अनिश्चितता
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले 6 से 14 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर भी शिक्षकों को खाली हाथ रहना पड़ा था और अब दीपावली के नजदीक होने के बावजूद भुगतान को लेकर विभाग और एजेंसियों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रदेश में करीब 21 से अधिक एजेंसियां इस मानदेय भुगतान की प्रक्रिया से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनकी जवाबदेही तय न होने से शिक्षकों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
शिक्षा सत्र पर पड़ेगा सीधा असर
व्यावसायिक शिक्षकों का कहना है कि 20 अक्टूबर को टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद से ही सेवाएं निरंतर रखने को लेकर संशय बना हुआ है। यदि इन शिक्षकों को कार्यमुक्त किया जाता है, तो इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा जो वर्तमान में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सत्र के बीच में ही इस तरह की प्रशासनिक जटिलताएं शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।
मुख्य मांगें:
- बीकानेर निदेशालय स्तर से मानदेय भुगतान के लिए तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
- दीपावली से पहले बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- टेंडर प्रक्रिया और अनुबंध की शर्तों में स्पष्टता लाकर रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
वर्तमान में जयपुर सचिवालय और बीकानेर निदेशालय के स्तर पर शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मानदेय जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


