
राजस्थान के स्कूलों में लगेंगे शुगर बोर्ड, स्वास्थ्य पर विशेष जानकारी!
Posted on 26 अक्टूबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, बदलती जीवनशैली के बीच स्कूली बच्चों में मोटापे और मधुमेह जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए राजस्थान सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 'शुगर बोर्ड' लगाने के निर्देश जारी किए हैं। यह कदम राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सिफारिशों पर उठाया गया है।
शुगर बोर्ड का उद्देश्य
प्रारंभिक शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक ललित कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में एक प्रमुख स्थान पर शुगर बोर्ड लगाया जाएगा। यह बोर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फिट इंडिया मूवमेंट' और राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्यों से भी जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की एडवाइजरी के बाद, राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में एक पत्र लिखा था, जिसके उपरांत विभाग ने यह महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
बोर्ड पर क्या होगी जानकारी?
- बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष जानकारी।
- कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेट वाले जूस, चॉकलेट, बिस्किट और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में मौजूद चीनी की मात्रा का विवरण।
- बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार प्रतिदिन सेवन की जाने वाली चीनी की सही मात्रा के बारे में मार्गदर्शन।
- अत्यधिक चीनी के सेवन से होने वाले नुकसान, जैसे दांतों में सड़न, वजन बढ़ना और मोटापा।
- खानपान की गलत आदतों से भविष्य में टाइप-2 मधुमेह के खतरे के बारे में चेतावनी।
शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका
शिक्षक संघ रेसला, निवाई तहसील अध्यक्ष मुकेश चौधरी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि स्कूलों में शुगर बोर्ड लगाने से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आजकल बच्चों में जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक मीठे पदार्थों के सेवन की आदत बढ़ रही है, जिसका उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, स्कूलों में पोषण संबंधी जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। चौधरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षकों और अभिभावकों दोनों को मिलकर बच्चों को संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधियों और स्वस्थ दिनचर्या के महत्व के प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि बचपन से ही अच्छी आदतों का विकास सुनिश्चित हो सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


