
राजस्थान शिक्षा विभाग की बड़ी चूक: सॉफ्ट टेनिस के 1500 खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर
Posted on 23 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा विभाग की एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही ने प्रदेश के 1500 से अधिक स्कूली खिलाड़ियों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। एसजीएफआई (SGFI) और एशियन गेम्स में अपनी पहचान बना चुका 'सॉफ्ट टेनिस' खेल अब विभाग की अनदेखी के कारण प्रदेश के खेल कैलेंडर से बाहर हो गया है।
खेल कैलेंडर से बाहर होने का असर
शिक्षा विभाग की इस उदासीनता के कारण 14, 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिका खिलाड़ी नेशनल टूर्नामेंट में भाग लेने से वंचित रह गए हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खेल की सराहना कर चुके हैं, वहीं राज्य स्तर पर इसे विभागीय सूची में जगह न देना समझ से परे है।
प्रशासनिक और तकनीकी संकट
- दिसंबर में नेशनल प्रतियोगिता: मध्य प्रदेश के देवास में दिसंबर माह में राष्ट्रीय प्रतियोगिता प्रस्तावित है, लेकिन राजस्थान टीम के चयन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।
- 11 राष्ट्रीय कोच मौजूद: विभाग के पास उदयपुर, जयपुर, टोंक, भीलवाड़ा, पाली, दौसा और कोटपूतली जैसे जिलों में राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणित कोच और रेफरी के रूप में पीटीआई मौजूद हैं, फिर भी खेल को नजरअंदाज किया जा रहा है।
- संघ की पेशकश: राजस्थान सॉफ्ट टेनिस एसोसिएशन ने बीकानेर निदेशालय को प्रस्ताव दिया है कि यदि बजट का अभाव है, तो संघ स्वयं के खर्च पर टीम भेजने को तैयार है। विभाग केवल तकनीकी स्वीकृति प्रदान करे।
नेताओं और एसोसिएशन का हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर खेल को तुरंत कैलेंडर में शामिल करने की मांग की है। वहीं, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने भी शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर चयन ट्रायल और प्रशिक्षण कैंप आयोजित करने का आग्रह किया है।
खिलाड़ियों के लिए चिंता का विषय
हजारों छात्र जो पिछले कई महीनों से सीमित संसाधनों में तैयारी कर रहे थे, अब विभागीय लालफीताशाही के कारण हताश हैं। यदि समय रहते शिक्षा निदेशालय ने इस पर निर्णय नहीं लिया, तो राज्य के होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर अपना हुनर नहीं दिखा पाएंगे। अभिभावकों और संघ के पदाधिकारियों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तत्काल प्रभाव से ट्रायल की तारीखों की घोषणा करे ताकि बच्चों का शैक्षणिक और खेल सत्र खराब न हो।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


