
1962 MVU स्टाफ का हल्ला बोल: न वेतन, न छुट्टी, नागौर सांसद को सौंपा ज्ञापन
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नागौर जिले में पशुपालकों को 24 घंटे पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाली 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) के कर्मचारियों ने अपनी लम्बित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आवाज उठाई है। नागौर सांसद को सौंपे गए एक ज्ञापन में कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियों, अवकाश न मिलने और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। वर्तमान में नागौर जिले में कुल 13 मोबाइल वेटरनरी यूनिटें संचालित हैं, जिनमें प्रत्येक यूनिट पर तीन सदस्यीय स्टाफ कार्यरत है।
लम्बित मांगों का पुलिंदा सौंपा
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, 1962 MVU यूनिटों में कार्यरत पशु चिकित्सक, लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर (LSI) और ड्राइवरों ने अपनी प्रमुख मांगों को एक ज्ञापन के माध्यम से सांसद तक पहुंचाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अथक परिश्रम करते हुए पशुपालकों की सेवा में तत्पर रहते हैं, परन्तु इसके बावजूद उन्हें अनेक आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह उल्लेख किया गया है कि वर्षभर लगातार कार्य करने के बावजूद उन्हें कैजुअल लीव (CL), प्रिविलेज लीव (PL) और साप्ताहिक अवकाश का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वेतन भुगतान एवं अन्य माँगें
कर्मचारियों ने अपनी 9 प्रमुख माँगें रखी हैं, जिनमें सबसे अहम है प्रतिमाह एक निश्चित तिथि पर वेतन भुगतान। उन्होंने बताया कि कई महीनों से वेतन भुगतान लम्बित चल रहा है।
- निर्धारित मासिक वेतन के अनुसार, पशु चिकित्सकों को 56,900 रुपए, LSI को 20,000 रुपए और ड्राइवरों को 18,000 रुपए का भुगतान होना चाहिए, जो वर्तमान में नियमानुसार नहीं मिल रहा है।
- कर्मचारियों ने वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिए जाने की भी मांग की है।
- बिना उचित सूचना या स्पष्टीकरण के पेनल्टी लगाने की प्रक्रिया को बंद करने की भी माँग की गई है।
- बिना किसी रिलीवर की उपलब्धता के वेतन से कटौती पर तत्काल रोक लगाने की बात कही गई है।
सैलरी स्लिप और स्थायी समाधान की उम्मीद
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण समस्या को उठाते हुए कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें वेतन संबंधी कोई भी सैलरी स्लिप उपलब्ध नहीं करवाई जाती है। उन्होंने मांग की है कि सभी कर्मचारियों को नियमित रूप से सैलरी स्लिप जारी की जाए। साथ ही, वेतन संबंधी विसंगतियों और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का एक स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया गया है।
कर्मचारियों ने नागौर सांसद से विनम्र निवेदन किया है कि वे उनकी समस्याओं की गंभीरता को समझें और संबंधित विभाग व कम्पनी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर इन मांगों का शीघ्र समाधान करवाएं, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान कानाराम, अर्जुन, राजेश, दिनेश, राधेश्याम, विकास, ताराचंद, सुशील, कमल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।